JAMSHEDPUR: JNAC कानून को दरकिनार कर जारी कर रहा है नियम विरुद्ध ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट!
News Desk
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JAMSHEDPUR: न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने मेरठ में एक रेसीडेंशियल प्लॉट पर बनी अवैध कमर्शियल बिल्डिंग्स को गिराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2014 के फैसले को सही ठहराया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ बने निर्माण को तुरंत हटाया जाना चाहिए. अधिकारियों को तोड़फोड़ और जुर्माना लगाना चाहिए.
फैसले में अवैध कंस्ट्रक्शन से होने वाले खतरों को बताया गया,जैसे पब्लिक सेफ्टी को खतरा और बिजली,पानी,सड़क जैसे संसाधनों पर बढ़ता दबाव.
कोर्ट ने कहा था कि कंस्ट्रक्शन में पारदर्शिता जरूरी है.बिल्डरों को साइट पर मंजूर प्लान दिखाना होगा और अधिकारी समय-समय पर जांच करेंगे.कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) तभी मिलेंगे जब कंस्ट्रक्शन मंजूर प्लान के मुताबिक होगा.
कोर्ट ने कहा था कि पानी और बिजली जैसी सेवाएं CC/OC सर्टिफिकेट जांचने के बाद ही दी जाएं.
यहां कहा गया था कि गलत तरीके से कंप्लीशन या ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी करने वाले अधिकारियों को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि अवैध निर्माणों के प्रति ढील देना ‘गलत सहानुभूति’ माना जाएगा. इसके अलावा, इन उल्लंघनों (गलती) के कारण कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इसके बावजूद झारखंड राज्य के जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति अंतर्गत ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने में अनियमितता बरतने तथा अवैध भवन निर्माण पर सहानभूति दिखाते हुए उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के बजाय ढील दिए जाने की सूचना है, जो झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग एवं अन्य संबंधित जिम्मेदार पदाधिकारी के लिए जांच का विषय है. इसके अलावा JNAC क्षेत्र के प्रायः सभी भवन निर्माता, भवन निर्माण स्थल पर स्वीकृत नक्शा का छाया प्रति तक नहीं दर्शाते है, जिससे आम जनता एवं भवन खरीदने वालो को स्वीकृत भवन प्लान तथा नक्शा विचलन की जानकारी नहीं मिल पाती हैं.
जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति द्वारा जारी किए गए ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट एवं निबंधित आर्किटेक्ट द्वारा जारी किया गया कंप्लीटेशन सर्टिफिकेट की जांच न होने की स्थिति में अवैध भवन निर्माताओं का मनोबल ऊंचा होगा एवं JNAC क्षेत्र में सार्वजनिक प्रयोग की भूमि का अतिक्रमण कर स्वीकृत भवन प्लान का व्यापक रूप से विचलन कर धड़ल्ले से अवैध भवन निर्माण फलते फूलते रहेंगे.