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JNAC/JAMSHEDPUR: उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार के सतर्कता एवं सझबूझ के कारण लेखापाल,अभियंता एवं संवेदक का गठजोड़ उजागर ! बिना काम,बिल भुगतान पर लगा रोक?

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JNAC/JAMSHEDPUR:  जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार के सतर्कता एवं सूझबूझ के कारण बिना काम पूरा किये लेखापाल, संवेदक,कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता के गठजोड़ से बने बिल के भुगतान पर रोक लगने की चर्चा, कार्यालय के संवेदकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

सूत्रों की माने तो जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति अंतर्गत बिष्टुपुर के अंत्योदय आश्रम में लगभग 24 लाख रुपए के लागत से नाली निर्माण कार्य किया जाना था.उक्त नाली निर्माण एवं उसके ऊपर स्लैप का निर्माण का ठेका मेसर्स टी के कंस्ट्रक्शन के संवेदक गुरु चौहान को प्राप्त हुआ था.

सूत्र बताते हैं कि बिना काम पूरा किए लेखापाल चंद्रगुप्त अशोक वर्धन, सहायक अभियंता महेश प्रभाकर एवं कनीय अभियंता रशीद के प्रयास के कारण उक्त बिल का भुगतान मार्च 2026 में करवाने का प्रयास किया गया पर किसी तकनीक कारणवश उक्त बिल का भुगतान ट्रेजरी से न हो पाया.

सूत्र बताते हैं कि उक्त बिल को पुनः एक सप्ताह पूर्व भुगतान हेतु ट्रेजरी को भेजा गया पर येन वक्त पर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार को सूचना प्राप्त हुई कि उपरोक्त स्थल पर यानि कि बिस्टुपुर स्थित अंत्योदय आश्रम में बन रहे नाली निर्माण जिसका बिल भुगतान हेतु प्रस्तुत किया जा चुका है, उपरोक्त स्थल पर काम अब भी आधा अधूरा ही हुआ है.

सूचना प्राप्त होने के बाद जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार संबंधित सहायक अभियंता महेश प्रभाकर को लेकर स्थल निरीक्षण किये एवं पाए कि उपरोक्त स्थल पर निर्माण अब भी अधूरा है.

लहर चक्र संवाददाता द्वारा जब इस संदर्भ में स्थल निरीक्षण किया गया तो पाया कि नाली निर्माण कार्य अभी अधूरा है एवं संवेदक द्वारा इसे पूरा करने का जोर-जोर से प्रयास किया जा रहा है. इस संदर्भ में जब संवेदक से पक्ष लिया गया तो संवेदक ने कहा कि मुझे अब तक इस योजना का कोई भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है एवं यह जो निर्माण कार्य कराया जा रहा है वह वर्क आर्डर से अलग है.

इस संदर्भ में जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के सहायक अभियंता महेश प्रभाकर से जब जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया कि उपरोक्त संवेदक का उक्त योजना हेतु रनिंग बिल तैयार कर भुगतान हेतु भेजा गया था, जिसे कुछ लोग फाइनल बिल समझ रहे हैं.जिसके कारण यहां गलतफहमी व्याप्त है.

वहीं दूसरी ओर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के लेखापाल से इस संदर्भ में जब जानकारी लेने का प्रयास किया कि उपरोक्त योजना में अब तक कितनी राशि का भुगतान किया गया है अथवा जो बिल बनाया गया था वह कितनी राशि का था. इस पर उन्होंने जानकारी देने से इनकार कर दिया.

जिला प्रशासन एवं जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के लिए अब यह जांच का विषय है कि उपरोक्त योजना हेतु ट्रेजरी में जो बिल भुगतान हेतु भेजा गया था वह कितनी राशि का था एवं मेजरमेंट बुक में अब तक कितनी राशि या कितने लंबाई का कार्य पूरा हुआ दिखाया गया है.

उपरोक्त योजना की गुणवत्ता के संदर्भ में स्थानीय लोगों का कहना है कि मानक के अनुरूप उपरोक्त योजना पूरा नहीं किया जा रहा है एवं नाली का पूरा निर्माण होने के बावजूद इसका सदुपयोग नहीं है अर्थात उपरोक्त योजना का चयन एवं एस्टीमेट में त्रुटि रही है. एवं नाली का अंतिम निकाश एवं योजना का चयन औचितहीन हैं.

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