
यह चर्चा आज जुगसलाई नगर परिषद पार्क में सुनने को मिली. कुछ ने बताया की जुगसलाई नगर परिषद स्थित सरकारी पार्क में लगभग 40 दुकानदारों से लगभग ₹50000 के दर से अवैध फटाका दुकान के नाम पर ली गई है. जो जांच का विषय है.
सूत्र बताते हैं कि अवैध फटाका दुकानदारों से वसूले गए लगभग 20 लाख में से 10 लाख एक स्थानीय राजनेता जो हेमंत सोरेन के केरीबी होने का दावा करते हैं ने लिया.
कुछ पैसा टेंट हाउस को गया और बाकि पैसा किसको गया, यह जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ही बता पाएंगे.
हालांकि दूसरी और सूत्र बताते हैं कि जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र के छोटे-छोटे अवैध फटक कारोबारी,जो ठेला पर रखकर थोड़ा बहुत फटाका, मोमबत्ती एवं पूजन सामग्री बेच रहे थे वैसे छोटे फटका कारोबारी परजुगसलाई नगरपालिका ने पूरी ईमानदारी से कार्रवाई की और वहीं दूसरी ओर जुगसलाई नगर परिषद स्थित पार्क जो टाटा पिगमेंट गेट के समीप है वहां खुलेआम कई दिनों से बिना लाइसेंस के लगभग 40 फटाका दुकानदार सरकारी नियम को ताख पर रखकर बिना लाइसेंस लिए, अवैध रूप से फटाका बेच रहे हैं.
ऐसे अवैध फटाका कारोबारी पर ना तो पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन का ध्यान जा रहा है और ना ही जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक, धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी एवं जुगसलाई थाना समेत जुगसलाई नगर परिषद का ध्यान जा रहा है, जो आश्चर्यजनक एवं चर्चा का विषय है.
कुल मिलाकर भ्रष्टाचारी, हेमंत है तो हिम्मत है के नाम पर कब तक अवैध दुकानदारी करवाएंगे एवं युवा तुर्क झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की छवि धूमिल करते रहेंगे यह भविष्य के गर्त में है