
उत्तराखंड में एक बार फिर से हेलीकॉप्टर दुर्घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार सुबह गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम की ओर जा रहा आर्यन एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक अन्य के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना सुबह करीब 5:17 बजे की है, जब आर्यन एविएशन का हेलीकॉप्टर श्रद्धालुओं को लेकर गुप्तकाशी हेलीपैड से रवाना हुआ था। कुल छह लोग इस हेलीकॉप्टर में सवार थे। बताया जा रहा है कि केदारनाथ की ओर उड़ान के दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया। कोहरे और तेज हवाओं के चलते हेलीकॉप्टर ने वैकल्पिक स्थान पर लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन मौसम की मार के चलते वह क्रैश हो गया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिवादन बल), स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके के लिए रवाना हो गई हैं। बचाव अभियान जारी है और मौके पर राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, “जनपद रुद्रप्रयाग में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य रेस्क्यू दल राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं। बाबा केदार से सभी यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूं।”
जनपद रुद्रप्रयाग में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य रेस्क्यू दल राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
बाबा केदार से सभी यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूँ।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 15, 2025
इस हादसे ने एक बार फिर चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषकर बरसात या कोहरे जैसे मौसम में उड़ानों को लेकर सतर्कता और निगरानी की आवश्यकता और भी अधिक हो जाती है।
स्थानीय प्रशासन और नागरिक उड्डयन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह देखा जा रहा है कि क्या मौसम की जानकारी समय पर दी गई थी और क्या हेलीकॉप्टर के पास वैकल्पिक लैंडिंग की पर्याप्त व्यवस्था थी।
सरकार और हेलीकॉप्टर कंपनियों को अब इस दिशा में और अधिक ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
