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दिल्ली हाईकोर्ट में बोले केजरीवाल, जमानत रद्द करना न्याय की विफलता के समान

दिल्ली. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट में दाखिल जवाब में कहा कि उनकी जमानत रद्द करना न्याय की विफलता के समान है. हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में उन्होंने कहा कि ED कस्टडी के दौरान जांच अधिकारी ने कोई खास पूछताछ नहीं की. एक राजनीतिक विरोधी को परेशान और अपमानित करने के लिए अवैध रूप से गिरफ्तारी की गई है. केजरीवाल ने कहा कि वे विच हंट का शिकार हुए हैं. जानबूझकर किसी व्यक्ति को परेशान करना विच हंट का शिकार होना कहलाता है. कोर्ट ने अब ED से जवाब दाखिल करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी.

केजरीवाल 21 मार्च को अरेस्ट हुए थे: ED ने केजरीवाल को 21 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था. केजरीवाल 10 मई से 2 जून यानी 21 दिन के लिए पैरोल पर थे. 20 जून को ट्रायल कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी. इसके खिलाफ ED ने हाईकोर्ट में अपील की थी. हाईकोर्ट ने 25 जून को ट्रायल कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी.

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