चाईबासा। कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा का सप्तम दीक्षांत समारोह मंगलवार को वीर शहीद पोटो हो सभागार में आयोजित हुआ। समारोह में झारखंड के राज्यपाल सह विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर 5,515 छात्र-छात्राओं को उपाधियां, 26 टॉपरों को स्वर्ण पदक और 39 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
समारोह में पद्मश्री जानुम सिंह सोय, पद्मश्री चामी मुर्मू, कोल्हान आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम, पश्चिमी सिंहभूम उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेणु सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहे।
राज्यपाल बोले- डिग्री के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी स्वीकार करने का दिन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और शिक्षा का उपयोग समाज तथा राष्ट्र के हित में करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में परिवार के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कोल्हान की जनजातीय संस्कृति और ज्ञान पर शोध का आह्वान
राज्यपाल ने कोल्हान की संस्कृति, जनजातीय भाषाओं, लोकज्ञान, इतिहास, कला, प्रकृति और पारंपरिक जीवन-पद्धति पर शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संकट और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियों से निपटने में स्थानीय और पारंपरिक ज्ञान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने विश्वविद्यालय में Centre for Regional and Tribal History विकसित करने की दिशा को भी महत्वपूर्ण बताया।
ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय ऐसे क्षेत्र में स्थित है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी ग्रामीण, जनजातीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उन्होंने ऐसे विद्यार्थियों के लिए Remedial Classes, Mentoring, Career Guidance, Language Support और Competitive Examination Guidance जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है और गांवों तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी मौजूद हैं।
शोध को स्थानीय समस्याओं से जोड़ने की अपील
शोधार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शोध केवल पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जुड़ा होना चाहिए।
उन्होंने पेयजल, वन, कृषि, जनजातीय स्वास्थ्य, पलायन, शिक्षा, स्थानीय रोजगार, लोककला, जनजातीय इतिहास, खनिज संसाधन और पर्यावरण जैसे विषयों पर शोध को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। शोध में गुणवत्ता, मौलिकता और Academic Integrity को प्राथमिकता देने पर भी उन्होंने जोर दिया।
विश्वविद्यालय में 80 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत
कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोल्हान विश्वविद्यालय के अधीन 20 अंगीभूत और 32 संबद्ध महाविद्यालय संचालित हैं तथा विश्वविद्यालय में 80 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
उन्होंने बताया कि कोल्हान क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए 9 नए कॉलेज निर्माणाधीन हैं और दो अन्य कॉलेजों की स्थापना प्रस्तावित है। पिछले एक वर्ष में 100 से अधिक परीक्षाएं आयोजित कर उनके परिणाम जारी किए गए हैं।
पीएचडी और शोध को प्राथमिकता
कुलपति के अनुसार 17 विषयों में 134 शोधार्थियों का पीएचडी कोर्सवर्क पूरा हो चुका है, जबकि अगस्त 2026 सत्र में 70 विद्यार्थियों ने पीएचडी कोर्सवर्क के लिए नामांकन कराया है। पीएचडी कार्यक्रम UGC Regulations 2022 के प्रावधानों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं।
शोध को बढ़ावा देने के लिए पुस्तकालय के आधुनिकीकरण और ऑटोमेशन, INFLIBNET-NLIST, National Digital Library और Shodhganga जैसे संसाधनों की उपलब्धता तथा Drillbit Anti-Plagiarism Software की सुविधा के विस्तार की जानकारी भी दी गई।
नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी
कुलपति ने बताया कि आगामी सत्र से चुनिंदा महाविद्यालयों में B.Lib. और B.A. Journalism and Mass Communication (BAJMC) सहित अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय परिसर में UGC दिशा-निर्देशों के अनुरूप Wi-Fi सुविधा और पूरे परिसर को CCTV Surveillance के दायरे में लाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
खेल और सामाजिक गतिविधियों में विद्यार्थियों की उपलब्धियां
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की खेल और सामाजिक गतिविधियों में उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। कुमार कुशाग्र के भारतीय अंडर-19 टीम और India-A टीम में चयन तथा Australia-A के खिलाफ शतक लगाने का उल्लेख किया गया। तीरंदाज अंकिता भकत और कोमोलिका बारी की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया गया।
NSS के तहत विश्वविद्यालय और उसके महाविद्यालयों द्वारा 57 गांवों को गोद लेने तथा 1,000 से अधिक यूनिट रक्तदान की जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी रविराज मुर्मू को संताली फिल्म आंगेन (Aangen) के निर्देशन के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक की श्रेणी में स्वर्ण कमल मिलने का भी उल्लेख किया गया।
26 टॉपरों को स्वर्ण पदक, 39 को पीएचडी
समारोह में विभिन्न विषयों और पाठ्यक्रमों के 26 टॉपरों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें मानवशास्त्र, बांग्ला, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल, हिंदी, इतिहास, गृह विज्ञान, हो, कुड़माली, गणित, उड़िया, दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान, भौतिकी, मनोविज्ञान, संस्कृत, संताली, उर्दू, प्राणी विज्ञान सहित एम.एड., एमबीए और बी.एड. के टॉपर शामिल रहे।
इसके अलावा 39 पीएचडी शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
समारोह के अंत में परीक्षा नियंत्रक रिंकी दोराई ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान का उपयोग व्यक्तिगत विकास के साथ समाज और राष्ट्र के हित में करने का आह्वान किया। कुलपति ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कोल्हान विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने की अपील की।