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Kudmi Movement: कुड़मी समाज का रेल टेका आंदोलन शुरू, आधी रात से ही पुलिस तैनात, रोके जा रहे आंदोलनकारी, रेल ट्रैक पर रखी जा रही विशेष निगरानी

Jamshedpur. अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल करने की मांग पर आदिवासी कुड़मी समाज ने शनिवार (आज) से अनिश्चितकालीन रेल टेका आंदोलन शुरू हो गया है. झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 100 स्टेशनों पर रेल परिचालन ठप कराने की तैयारी की गयी है. आंदोलन को लेकर रेलवे ने भी पूरी तैयारी की है. जो भी लोग रेल परिचालन में बाधा डालने आयेंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जायेगा. पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा ने रेल सहित सभी जिलों के एसपी को अलर्ट किया है. कोल्हान के तीनों जिलों में स्टेशन और रेल लाइन को चिह्नित किया गया है. यहां पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनात हैं.  आंदोलन को ले प्रशासन मध्यरात्रि से ही सतर्क है. रेल ट्रैक को जाम कर कुड़मी समाज परिचालन व्यवस्था को बाधित ना कर पाए इसको लेकर रेल ट्रैक पर विशेष निगरानी रखी जा रही.

गालूडीह में आरपीएफ की सख्ती
गालूडीह में अहले सुबह ही रेल ट्रैक को जाम करने पहुंची महिलाओं को आरपीएफ ने खदेड़ा. स्टेशन आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच हो रही है. उन्हें ट्रेन आने पर ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है. स्टेशन के अंदर अनावश्यक भीड़ करने नहीं दिया जा रहा है. पुलिस प्रशासन के मुस्तैदी से फिलहाल सुबह सात बजे तक आंदोलनकारी रेल व एनएच जाम में सफल नहीं हो पाए. हालांकि पुलिस प्रशासन पूरी गतिविधियों की बारीकी से नजर रख रही है. घाटशिला अनुमंडल के गालूडीह में रेल चक्का जाम व एनएच जाम के मद्देनजर प्रशासन मध्यरात्रि से ही अलर्ट होकर काम कर रही. आसपास के कुड़मी बहुल गांव में विशेष निगरानी रखी गई.

ड्रोन कैमरे से चप्पे चप्पे पर नजर
कुड़मी समाज के आंदोलन के मद्देनजर में घाटशिला अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर नजर आ रहा. स्टेशन परिसर पर प्रस्तावित आंदोलन स्थल पर आंदोलनकारियों को प्रवेश करने से पहले ही काफी दूर में रोका जा रहा.

कलकत्ता हाइकोर्ट ने आंदोलन को अवैध बताया
आदिवासी कुड़मी समाज के सदस्य और कुड़मी विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार ने बताया कि समुदाय के सदस्यों से कहा गया है कि वे रेल यातायात को बाधित किए बिना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाए बिना और किसी भी प्रकार की हिंसा में शामिल हुए बिना शांतिपूर्ण तरीके से रेल पटरियों पर विरोध प्रदर्शन करें. ओहदार ने कहा, हम कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश से अवगत हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि रेलवे पटरियों पर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो तथा किसी भी परिस्थिति में सदस्य रेलवे संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे या हिंसा में शामिल नहीं होंगे. सदस्यों से कहा गया है कि जब राज्य या रेलवे इकाइयों के सुरक्षाबल उन्हें पटरियों से हटाने या एहतियातन हिरासत में लेने की कोशिश करें तो वे प्रतिरोध न करें.’’ कलकत्ता हाइकोर्ट ने 20 सितंबर को रेल और सड़क जाम करने की कुड़मी समुदाय की योजना को असंवैधानिक और अवैध घोषित कर दिया है तथा रेलवे और राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं जनता की आवाजाही निर्बाध सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है. आदिवासी कुड़मी समाज ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक फैले वृहत्तर छोटा नागपुर क्षेत्र में रेल और सड़क जाम का आह्वान किया है.

इधर, आदिवासी संगठनों का भी विरोध
इधर, आदिवासी संगठन की ओर से भी कुड़मी द्वारा एसटी बनाये जाने की मांग के खिलाफ 20 सितंबर को विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गय है. उन्होंने कहा कि कुड़मी/कुरमी जाति को एसटी बनाये जाने की मांग मूल आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक हिस्सेदारी-प्रतिनिधित्व, नौकरी और आरक्षण हड़पने के लिए है. उन्होंने कहा कि यह आदिवासी समुदाय पर हमला है. इसके लिए कुड़मी समुदाय के लोग असंवैधानिक तरीके से दबाव बनाने के लिए रेल रोको आंदोलन कर रहे हैं.

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