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Kudmi Movement: कुड़मियों का आंदोलन कोल्हान के सभी रेलवे स्टेशनों पर समाप्त, दिनभर आंदोलनकारियों ने रेल मार्ग रखा अवरुद्ध, 100 से अधिक ट्रेनें प्रभावित, जहां-तहां फंसे रहे हजारों यात्री

Jamshedpur. कुड़मी को आदिवासी समुदाय में शामिल करने एवं कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध किए जाने की मांग को लेकर आहूत रेल टेका आंदोलन कोल्हान के सभी रेलवे स्टेशनों पर समाप्त हो चुका है. शनिवार देर रात बताया गया कि सरकार ने मांगों पर उचित कारवाई करने का आश्वासन दिया है. बहुत जल्द इस संबंध में समाज के लोगों के साथ केंद्र सरकार की वार्ता होगी. इससे पहले कुड़मी समुदाय के सदस्यों ने अपने रेल रोको आंदोलन के दौरान पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला रेलवे स्टेशन पर हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस को शनिवार को रोक दिया, जिससे सैकड़ों यात्री वहां फंस गए. आंदोलन के चलते शनिवार को 100 से अधिक ट्रेन या तो रद्द कर दी गईं, या उनका मार्ग परिवर्तित करना पड़ा या फिर उनकी यात्रा अंतिम ठहराव से पूर्व समाप्त कर दी गई.

अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) के रांची मंडल और पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद मंडल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशन पर कुड़मी समुदाय का रेल रोको आंदोलन जारी है. रांची के मुरी, राय, टाटीसिलवई, रामगढ़ के बरकाकाना, गिरिडीह के पारसनाथ, हजारीबाग के चरही, धनबाद के प्रधानखंता, पूर्वी सिंहभूम के गालूडीह और बोकारो के चंद्रपुरा रेलवे स्टेशन पर पटरियों पर बैठकर ट्रेन की आवाजाही बाधित की. एकेएस नेता ओपी महतो ने कहा कि प्रदर्शनकारी रात पटरियों पर बिताएंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे.

आंदोलन के कारण ईसीआर के धनबाद मंडल में कम से कम 25 यात्री ट्रेन रद्द कर दी गईं और 24 के मार्ग में परिवर्तन किया गया. वहीं, एसईआर के रांची मंडल में वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस सहित 12 ट्रेन रद्द कर दी गईं और 11 के मार्ग में परिवर्तन किया गया. रांची के मुरी स्टेशन पर, टाटा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस प्रदर्शन के कारण घंटों खड़ी रही, जिसके बाद उसे रद्द कर दिया गया. ट्रेन को रद्द किए जाने की घोषणा के बाद कई यात्रियों ने स्टेशन पर हंगामा किया. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुचि सिंह ने बताया कि प्रदर्शन के कारण टाटा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस को मुरी स्टेशन पर रद्द कर दिया गया. उन्होंने कहा कि यात्रियों को उनके मूल स्टेशन पर ले जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.”

सिंह के मुताबिक, उन्होंने ट्रेन की रवानगी सुनिश्चित करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन प्रदर्शनकारी पटरी पर डटे रहे. रेलवे की ओर से सुबह जारी बयान के अनुसार, आदिवासी कुर्मी समाज के आंदोलन के कारण दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) और पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) के धनबाद मंडल के अधिकार क्षेत्र में ट्रेन सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं. बयान में कहा गया कि हटिया-बर्धमान मेमू और टाटानगर-गुआ-टाटानगर मेमू सहित कम से कम तीन ट्रेन को रद्द कर दिया गया है, जबकि एक की यात्रा बीच में ही समाप्त कर दी गई है और चार अन्य को रोक दिया गया है.

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