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‘KV’ Admission: ‘केंद्रीय विद्यालयों’ में दाखिले के लिए ‘कोटा सिस्टम’ बहाल होने की संभावना पर संसद में उठे सवाल; पहले सांसद को 10 बच्चों के एडमिशन का था प्रावधान

New Delhi. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के लिए सांसद कोटा को फिर से शुरू करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल सरकार के विचाराधीन नहीं है. उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन ने सांसद कोटा सहित कुछ विशेष प्रावधानों को वापस ले लिया, जो कक्षा की स्वीकृत सीट संख्या के अतिरिक्त था और छात्रों की शिक्षा को प्रभावित कर रहा था.

प्रधान ने कहा कि यह कोटा कक्षा की स्वीकृत सीट संख्या से अतिरिक्त था और इसलिए बेहतर छात्र-शिक्षक अनुपात (पीटीआर) को बनाए रखते हुए प्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप वांछित शिक्षण परिणाम प्राप्त करने के लिए इन्हें समाप्त कर दिया गया.

पहले यह था प्रावधान
पूर्व में विशेष प्रावधानों के तहत प्रत्येक सांसद को किसी केंद्रीय विद्यालय में 10 बच्चों के दाखिले के लिए सिफारिश करने का विशेषाधिकार प्राप्त था. यहां तक कि जिलाधिकारी को भी प्रायोजक प्राधिकरण कोटे के तहत 17 छात्रों के प्रवेश के लिए सिफारिश करने की शक्ति थी.

लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 245 सदस्य इस कोटे के तहत एक साल में कुल 7,880 बच्चों के दाखिले की सिफारिश कर सकते थे. केंद्र सरकार ने 2022 में यह कोटा खत्म कर दिया. प्रधान ने कहा कि फिलहाल, केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के लिए सांसद कोटा को फिर से लागू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है.

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