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Loco Pilot Retirement :भाप इंजन से वंदे भारत तक का सफर तय करने वाले 3 दिग्गज लोको पायलट सेवानिवृत्त

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीन ‘सार्थी’ सेवानिवृत्त नागपुर मंडल रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता ने सराहा लोको पायलटों का बेदाग और गौरवशाली सफर

दपूमरे, नागपुर मंडल – 29 मार्च 2026

भारतीय रेलवे के परिचालन विभाग के लिए आज का दिन एक युग के अंत जैसा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के तीन अत्यंत अनुभवी और कुशल लोको पायलट मोटरमैन अपनी लंबी और बेदाग सेवा के बाद आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
इन अधिकारियों ने भाप इंजन के दौर से लेकर अत्याधुनिक वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों तक के सफर को अपनी आँखों से देखा और सफलतापूर्वक चलाया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के लिए आज का दिन अत्यंत भावुक और गर्व से भरा रहा। मंडल के तीन अत्यंत अनुभवी और समर्पित लोको पायलट मोटरमैन श्री आर.पी. साहू, श्री वी.के. वर्मा और श्री डी.डी. देवगुणे आज अपनी लंबी और सफल रेल सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।

इस अवसर पर नागपुर मंडल रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता ने इन तीनों रेल योद्धाओं को उनकी बेमिसाल सेवाओं एवं उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

तीनों लोको पायलट मोटरमैन की उपलब्धियाँ –

1. श्री आर.पी. साहू – भाप इंजन से अमृत भारत तक 42 वर्षों का सफर
श्री आर.पी. साहू ने रेलवे में 42 वर्षों की लंबी पारी खेली, जिसमें 16 वर्ष उन्होंने लोको पायलट मोटरमैन के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने नैरो गेज और ब्रॉड गेज के ‘स्टीम इंजन’ (भाप इंजन) के दौर से शुरुआत की और अपने करियर का समापन देश की सबसे आधुनिक ‘वंदे भारत’ और ‘अमृत भारत’ जैसी ट्रेनों को चलाकर किया। उनके पूरे करियर में सुरक्षा और संरक्षा का रिकॉर्ड शत-प्रतिशत रहा। उन्होंने अपनी अंतिम ड्यूटी 25 मार्च को गाड़ी संख्या 20825 (वंदे भारत) के साथ पूरी की।

2. श्री वी.के. वर्मा – 21 वर्षों तक लोको पायलट मोटरमैन रहने का ऐतिहासिक कीर्तिमान
श्री वी.के. वर्मा ने 38 वर्षों तक रेलवे की सेवा की। उनके नाम 21 वर्षों तक लगातार लोको पायलट मोटरमैन रहने का एक दुर्लभ रिकॉर्ड दर्ज हुआ है, जो रेल इतिहास में मील का पत्थर है। वे रेलवे में डिप्लोमा इंजीनियरों के पहले बैच का हिस्सा थे। उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अपना संपूर्ण कार्यकाल दुर्घटना-मुक्त पूरा किया। उन्होंने अपनी अंतिम ड्यूटी 29 मार्च को गाड़ी संख्या 20825 (वंदे भारत) के साथ पूरी की।

3. श्री डी.डी. देवगुणे – 32 वर्षों का अनुशासित रेल जीवन
श्री डी.डी. देवगुणे ने 32 वर्षों के सेवाकाल में 14 वर्ष लोको पायलट मोटरमैन के रूप में बिताए। डीजल असिस्टेंट ड्राइवर से अपना सफर शुरू करने वाले श्री देवगुणे ने नैरो गेज से लेकर आधुनिक थ्री-फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव और वंदे भारत तक सभी प्रकार के इंजनों का कुशलतापूर्वक संचालन किया। उन्होंने 29 मार्च को महाराष्ट्र एक्सप्रेस (11040) के साथ अपनी अंतिम यात्रा पूरी की।

इस अवसर पर नागपुर मंडल रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा, “इन तीनों लोको पायलटों का करियर भारतीय रेलवे के क्रमिक विकास की जीवंत गाथा है। भाप इंजन से लेकर वंदे भारत तक का सफर तय करना इनके धैर्य और तकनीक के प्रति इनके अनुकूलन को दर्शाता है। सबसे गर्व की बात यह है कि इनका पूरा सेवाकाल पूरी तरह सुरक्षित और दुर्घटना-मुक्त रहा, जो नए रेलकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हम इनके स्वस्थ और सुखद सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हैं।”

इन तीनों लोको पायलट मोटरमैन की सेवानिवृत्ति पर रेलवे प्रशासन और रनिंग स्टाफ ने उन्हें बधाई दी है। उनके सुरक्षित और दुर्घटना-मुक्त करियर की सराहना करते हुए विभाग ने उनके बेहतर स्वास्थ्य और सुखद सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामना की है।

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