
New Delhi. सरकार ने पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) का कनेक्शन रखने वाले वाले परिवारों के लिए सब्सिडी वाला एलपीजी कनेक्शन रखने या लेने पर रोक लगा दी है। इस बीच, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में संकट के चलते क्षेत्र के नियामक ने शहर गैस वितरण कंपनियों से अपने पीएनजी ढांचे का विस्तार तेजी से करने को कहा है, जिससे रसोई गैस की आपूर्ति पर दबाव कम किया जा सके।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 14 मार्च को जारी एक अधिसूचना में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति एवं वितरण नियमन) आदेश-2000 में बदलाव किया है। इसके तहत अब पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन को ‘सरेंडर’ करना जरूरी हो गया है। संशोधित आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां और वितरक उन उपभोक्ताओं को भरा गैस सिलेंडर नहीं देंगे, जिनके पास पहले से एलपीजी कनेक्शन हैं।
आदेश में कहा गया, कोई भी व्यक्ति जिसके पास पीएनजी कनेक्शन है और जिसके पास घरेलू एलपीजी कनेक्शन भी है, वह घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं रखेगा, या किसी भी सरकारी पेट्रोलियम कंपनी से या उनके वितरक के जरिये भरा हुआ एलपीजी सिलेंडर नहीं लेगा। ऐसे लोगों को तुरंत अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन ‘सरेंडर’ करना होगा।
सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां संशोधित आदेश के तहत पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को खाली एलपीजी सिलेंडर के बदले भरा हुआ सिलेंडर नहीं देंगी।
इस कदम का मकसद उन घरों के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देना है जिनके पास पाइप के जरिये गैस की आपूर्ति की सुविधा नहीं है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने शहर गैस वितरण कंपनियों से घरों को घरेलू पीएनजी कनेक्शन देने के काम में तेजी लाने और उन इलाकों में उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने को कहा है जहां पाइपलाइन का ढांचा पहले ही बिछाया जा चुका है।
