
New Delhi. अब किचेन में केरोसिन और कोयले की दोबारा वापसी हो गई है। इन्हें कभी सरकार ने साफ-सुथरे कुकिंग फ्यूल की मुहिम के तहत एलपीजी से रिप्लेस किया था। केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए 48,000 किलोलीटर केरोसिन के अतिरिक्त आवंटन की घोषणा की थी। यह आवंटन 1 लाख किलोलीटर के नियमित मासिक कोटे के अलावा है। इसे मुख्य रूप से राशन की दुकानों के जरिए खाना पकाने के लिए बांटा जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि पश्चिमी एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष की वजह से एनर्जी सप्लाई में लगातार रुकावट आ रही है।
लगातार गहराते ऊर्जा संकट के बावजूद सरकार का दावा है कि किसी तरह की कोई कमी नहीं है। न पेट्रोल-डीजल की, न ही एलपीजी कुकिंंग सिलेंडर की। होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की तरफ से बढ़ते दबाव के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की तीन-सदस्यीय समिति ने कमर्शियल इस्टैबलिशमेंट्स को उनकी औसत मासिक खपत का 20% हिस्सा लेने की इजाजत दे दी। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में दो एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग के बीच का समय 25 दिन से बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। इसके पीछे कारण बताया गया है कि लोग सिलेंडर पाने के लिए बड़ी तेजी से बुकिंग कर रहे थे।
