Site icon Lahar Chakra

Mahagathbandhan Manifesto: महागठबंधन ने जारी किया ‘तेजस्वी प्रण’, हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, शराबबंदी कानून की समीक्षा होगी, ताड़ी और महुआ दायरे से बाहर होगा

Patna. महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जारी अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि प्रदेश में अगर उसकी सरकार बनी तो शराबबंदी कानून की समीक्षा की जाएगी तथा ताड़ी और महुआ आधारित पारंपरिक रोजगार को इस कानून से मुक्त किया जाएगा. विपक्षी गठबंधन ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी किया जिसे ‘तेजस्वी प्रण’ नाम दिया गया है. इस घोषणापत्र में कहा गया है, ‘बिहार में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा की जाएगी और सुसंगत नीति बनाई जाएगी. इस कानून के तहत जेल में बंद दलितों और अन्य गरीबों को तत्काल राहत दी जाएगी. महागठबंधन ने यह भी कहा कि ताड़ी और महुआ आधारित पारंपरिक रोजगार को शराबबंदी कानून से मुक्त किया जाएगा.

गठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, उप मुख्यमंत्री पद के चेहरा एव विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नेता मुकेश सहनी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और कई अन्य नेताओं की मौजूदगी में यह चुनावी घोषणा पत्र जारी किया गया.

जानें तेजस्वी ने क्या कहा
इस मौके पर तेजस्वी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह दलों और दिलों का प्रण है। एक-एक घोषणा दिल से लिया गया प्रण है। एक-एक प्रण को प्राण झोंककर पूरा करना पड़े तो भी हम लोग इसे पूरा करेंगे. महागठबंधन ने वादा किया है कि सरकार बनने के 20 दिन के भीतर ही हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का विधेयक लाया जाएगा.

वक्फ संशोधन कानून पर लगेगी रोक
उसने यह भी कहा कि सरकार बनने पर बिहार में वक्फ संशोधन कानून पर रोक लगाई जाएगी. घोषणापत्र में कहा गया है, ‘‘सभी अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी. वक्फ संशोधन विधेयक (कानून) पर रोक लगाई जाएगी और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाते हुए इसे समुदाय के लिए अधिक कल्याणकारी और उपयोगी बनाया जाएगा. महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने 26 अक्टूबर को भी कहा था कि गठबंधन के सत्ता में आने पर इस वक्फ (संशोधन) अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा.

Exit mobile version