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Maiyan yojna ‘Big Scam’: मंईयां योजना में फर्जीवाड़ा, Bengal की सूफनी खातून ने एक बैंक खाते से 94 बार किया आवेदन, नामों के उप नाम में मुर्मू, हांसदा जोड़े

Bokaro.झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में एक से बढ़कर एक खेल देखने को मिल रहा है. अब एक ही बैंक अकाउंट नंबर से 94 बार आवेदन करने का मामला सामने आया है. सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन के क्रम में मामले का उद्भेदन हुआ है. एक ही बैंक खाता का नंबर दर्ज कर अलग-अलग नाम से अलग-अलग प्रखंड में 94 बार आवेदन हुआ है. इनमें से 49 बार चंदनकियारी, 20 बार कसमार, 12 बार बेरमो, सात बार गोमिया, 02-02 चास व नावाडीह और 01-01 बार चास नगर निगम व चंद्रपुरा प्रखंड से आवेदन किया गया है.

बैंक खाता इंडसइंड बैंक से
जांच क्रम में यह पता चला है कि बैंक खाता इंडसइंड बैंक से संबंधित है. सभी आवेदन राज्य के पलामू जिला व बिहार के किशनगंज स्थित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक द्वारा किया गया है. तीन सीएससी आइडी क्रमशः 243621130028 (ऑपरेटर, वीएलइ नाम-विक्कू कुमार रवि, पैरेंट आइडी नाम-उपेंद्र प्रसाद, मोबाइल सं -8873482243 -जिला पलामू), आइडी 542316220013 (मास्टर, वीएलइ नाम – सुमित कुमार, पैरेंट आइडी नाम -सुमित कुमार, मोबाइल सं -9122397271 -जिला पलामू) व आइडी 423664770011 (मास्टर, वीएलइ नाम-फरयाद आलम, पैरेंट आइडी नाम- फरयाद आलम, जिला- किशनगंज, बिहार) से इन आवेदनों को अलग-अलग नाम से किया गया है.

पश्चिम बंगाल की है खाताधारक
सत्यापन क्रम में स्पष्ट हुआ है कि बैंक खाता संख्या 100253493007, खाता धारक का नाम सूफनी खातून है. पता-मोतिविट्टा, कांटी, झारगांव, उत्तर दिनाजपुर, राज्य- पश्चिम बंगाल है. इस खाता का इस्तेमाल 94 बार अलग-अलग नाम से योजना का लाभ लेने के लिए किया गया है. इस दौरान दर्ज राशन कार्ड का संख्या भी फर्जी अंकित है, जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खालखो ने जांच के क्रम में इसकी पुष्टि की है. आवेदित सभी नामों के उप नाम में मुर्मू, हांसदा, मंडल शब्द जोड़ा गया है. 31 अक्तूबर व एक नवंबर 2024 को एक ही साथ कई बार आवेदन किया गया है.

बोकारो DC ने किया पर्दाफाश
एक अधिकारी ने कहा, “बोकारो के उपायुक्त जाधव विजय राव ने धोखाधड़ी से जेएमएमएसवाई का लाभ प्राप्त करने के प्रयासों का पर्दाफाश किया है और आदेश दिया है कि ऐसे आवेदकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए, जिनमें अलग-अलग स्थानों पर एक ही खाते से 94 आवेदन दाखिल करने वाला पश्चिम बंगाल का एक आवेदक भी शामिल है. अधिकारी ने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य वित्तीय सहायता प्रदान करके महिलाओं को सशक्त बनाना है, लेकिन जांच में पता चला है कि इसके लाभों का दुरुपयोग करने के लिए धोखाधड़ी की जा रही है. अधिकारी ने बताया, “पश्चिम बंगाल के यूसुफ नामक व्यक्ति ने एक ही बैंक खाते का उपयोग करके जेएमएमएसवाई के लिए विभिन्न नामों से 94 आवेदन दाखिल किए थे. जिले के विभिन्न ब्लॉक से जमा किए गए इन आवेदनों की नियमित भौतिक सत्यापन प्रक्रिया के दौरान संदेह पैदा हुआ. बोकारो के उपायुक्त के अनुसार, इनमें से 49 आवेदन चंदनकियारी से, 20 कसमार से, 12 बेरमो से और सात गोमिया से दायर किए गए थे.

56 लाख महिलाओं को मिल रहे 2,500 रुपये
जेएमएमएसवाई झारखंड सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसके तहत राज्य सरकार हर महीने 18-50 वर्ष की आयु वर्ग की लगभग 56 लाख महिलाओं को 2,500 रुपये की सहायता प्रदान करती है. झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की चुनावी जीत का काफी श्रेय जेएमएमएसवाई को भी दिया जाता है. पिछले साल अगस्त में शुरू की गई इस योजना के तहत शुरुआत में 18-50 वर्ष की आयु की महिलाओं को 1,000 रुपये दिए गए और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस राशि को बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की.

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