जमशेदपुर।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को मानगो गांधी मैदान में श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उपायुक्त भी मौजूद रहे।
गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेश को किया याद
मेयर सुधा गुप्ता ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और मानव सेवा के विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अपने जीवन और संघर्ष के माध्यम से दिखाया कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए भी व्यापक सामाजिक परिवर्तन संभव है।
उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं।
स्वच्छ मानगो के लिए नागरिक भागीदारी पर जोर
मेयर ने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर के निर्माण में नागरिकों की जागरूकता, जिम्मेदारी और सहभागिता महत्वपूर्ण है। गांधी जी के स्वच्छता संबंधी विचारों को अपनाते हुए मानगो को स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित नगर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है।
उन्होंने नागरिकों से भी शहर की स्वच्छता व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी निभाने और सकारात्मक सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन को किया याद
लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए मेयर सुधा गुप्ता ने कहा कि उनका जीवन सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का उदाहरण है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया और लोगों का मनोबल बढ़ाया।
मेयर ने शास्त्री के प्रसिद्ध ‘जय जवान, जय किसान’ संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करता है।
सेवा और जवाबदेही को बताया सार्वजनिक जीवन का आधार
मेयर सुधा गुप्ता ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि सार्वजनिक जीवन में पद से अधिक महत्वपूर्ण सेवा की भावना, ईमानदारी और जनता के प्रति जवाबदेही है।
उन्होंने कहा कि गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के अवसर पर समाज और शहर के विकास में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए। साथ ही आपसी सद्भाव, शांति और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।