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Mango Murder Disclosur: पिता की हत्या का बदला लेने के लिए की संतोष सिंह की हत्या; मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद

Jamshedpur. जमशेदपुर पुलिस ने मानगो मुंशी मोहल्ला के संतोष सिंह हत्याकांड का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में घटना के मास्टरमाइंड रोहित दीक्षित समेत पांच हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है. यह जानकारी एसएसपी किशोर कौशल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है. एसएसपी ने बताया कि मामले में मास्टरमाइंड रोहित दीक्षित गिरफ्तार हुआ है. वह मानगो के गुरुद्वारा रोड पर मजार के पास का रहने वाला है. ‌ इसके अलावा, ओलीडीह थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर शिव मंदिर लाइन का रहने वाला शुभम कुमार, सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छाया नगर का रहने वाला विमल गोप, मानगो के गुरुद्वारा रोड शनि मंदिर के पास का रहने वाला विवेक कुमार तिवारी, मानगो के गुरुद्वारा रोड बड़ा गेट के पास का रहने वाला अंकित शर्मा गिरफ्तार हुआ है. इनमें से अंकित शर्मा का आपराधिक इतिहास है. इनके पास से पुलिस ने एक देसी कट्टा, एक पिस्टल, एक 315 बोर का कारतूस और हत्या में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की है.

रोहित के पिता की 2014 में हुई थी हत्या
एसएसपी ने बताया कि रोहित दीक्षित के पिता पशुपति नाथ उर्फ डब्बू दीक्षित की साल 2014 में हत्या कर दी गई थी. रोहित दीक्षित ने अपने पिता का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया है. घटना को अंजाम देने में रौनक ने की थी रोहित की वित्तीय मदद इस मामले में रौनक सिंह ने रोहित दीक्षित को आर्थिक मदद की और रेकी करने में भी मदद की. एसएसपी ने बताया कि रौनक सिंह के पिता की हत्या में संतोष का नाम नहीं आया था. इसलिए यह जांच का विषय है कि रौनक सिंह ने संतोष सिंह की हत्या में क्यों दिलचस्पी ली.

अब तक सात लोग गिरफ्तार
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अब तक सात लोग गिरफ्तार किया जा चुके हैं और कुछ और लोग भी इस मामले में लिप्त हैं. जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है. एसएसपी ने बताया कि जल्द ही इन फरार आरोपियों का पता लगा कर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

ऐसे की थी हत्या
संतोष सिंह जब मुंशी मोहल्ले में अपनी भतीजी का कार्ड बांट रहे थे तो वहां सफेद स्कूटी पर सवार रोहित, विवेक और शुभम पहुंचे थे. रोहित, शुभम और विवेक ने संतोष का पीछा किया और एक घर में घुस कर तीनों ने संतोष पर गोलियां दागी थीं. रौनक सिंह और निखिल घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे मगर उन्होंने इस हत्याकांड की पटकथा लिखी थी।

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