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Mann ki Baat: प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में नक्सल प्रभावित गुमला का किया जिक्र, ओम प्रकाश साहू की सुनायी कहानी, अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला पर भी बोले

Ranchi. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 124वें एपिसोड में झारखंड के नक्सल प्रभावित गुमला जिले का खास तौर पर जिक्र किया. उन्होंने नक्सलवाद का रास्ता छोड़ रोजगार से जुड़ने वाले एक युवा की प्रेरणादायी कहानी को सबके साथ साझा किया. पीएम मोदी ने कहा कि जहां सबसे ज्यादा अंधेरा होता है, वहीं सबसे चमकीला प्रकाश निकलता है. इसका एक उदाहरण झारखंड का गुमला जिला है. एक समय था जब ये इलाका माओवादी हिंसा के लिए जाना जाता था. बसिया प्रखंड के गांव वीरान हो रहे थे। लोग डर के साये में जी रहे थे. रोजगार की कोई संभावना नहीं थी, जमीनें खाली पड़ी थीं और युवा पलायन कर रहे थे… लेकिन फिर, चुपचाप और बहुत धैर्य के साथ एक बदलाव शुरू हुआ. ओम प्रकाश साहू जी नाम के एक युवा ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया. उन्होंने मछली पालन शुरू किया. फिर उन्होंने अपने जैसे कई दोस्तों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित किया.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की सराहना करते हुए रविवार को कहा कि इससे भारत के बच्चों में अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा की एक नयी लहर उत्पन्न हुई है. मोदी ने साथ ही कहा कि देश में केवल अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े 200 से अधिक स्टार्टअप शुरू हुए हैं.

प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भरता से होकर गुजरता है और ‘वोकल फॉर लोकल’ ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सबसे मजबूत आधार है. उन्होंने कहा, ‘‘हाल में अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला की वापसी को लेकर देश में खूब चर्चा हुई। जैसे ही शुभांशु पृथ्वी पर सुरक्षित उतरे, लोग खुशी से उछल पड़े, हर दिल में खुशी की लहर दौड़ गई. पूरा देश गर्व से भर गया.

मोदी ने कहा कि पूरे भारत में बच्चों में अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा की एक नयी लहर उत्पन्न हुई है. उन्होंने कहा कि देश में अंतरिक्ष के क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप भी तेजी से उभर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘पांच साल पहले 50 से भी कम स्टार्टअप थे। आज अकेले अंतरिक्ष क्षेत्र में 200 से अधिक स्टार्टअप हैं.

मोदी ने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाए जाने का जिक्र करते हुए इस संबंध में सुझाव आमंत्रित किए कि इसे कैसे मनाया जाए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रसायन विज्ञान से लेकर गणित ओलंपियाड तक भारत के युवा हर जगह अपनी चमक बिखेर रहे हैं. मोदी ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है कि वीरता और दूरदर्शिता के प्रतीक 12 मराठा किलों को यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन) विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है.

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