जमशेदपुर: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने आंदोलन आगे भी जारी रखने की बात कही है। पूर्वी सिंहभूम जिला समिति की समीक्षा बैठक में जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने कहा कि पार्टी संशोधन के विरोध में आंदोलन को और तेज करेगी।
कदमा उलियान स्थित शहीद निर्मल महतो सामुदायिक भवन में विक्टर सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के प्रखंडों और नगर निकाय कार्यालयों में 19 सितंबर को किए गए धरना-प्रदर्शन की समीक्षा की गई। विक्टर सोरेन ने धरना-प्रदर्शन में शामिल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
MMDR बिल की वापसी तक आंदोलन जारी रखने की बात
विक्टर सोरेन ने कहा कि MMDR संशोधन के खिलाफ पार्टी का जनआंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संशोधन वापस लिए जाने तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा।
गौरतलब है कि 2026 का MMDR संशोधन बिल संसद में अगस्त 2026 में पेश हुआ था और लोकसभा तथा राज्यसभा से पारित हुआ। संसदीय शोध संस्था PRS के अनुसार बिल में खनिज-युक्त भूमि के नियमन तथा राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर कुछ कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने पर केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
SIR को लेकर भी झामुमो ने जताई चिंता
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी चर्चा हुई। विक्टर सोरेन ने कहा कि पार्टी मतदाता सूची से योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका के मुद्दे को लोकतांत्रिक तरीके से उठाएगी।
ECI के आधिकारिक पोर्टल पर SIR-2026 के तहत मतदाताओं को पिछले SIR के मतदाता रिकॉर्ड की खोज करने और संबंधित दस्तावेज जमा करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
MMDR और SIR पर केंद्रीय समिति की नजर: कुणाल षाड़ंगी
बैठक में झामुमो केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि पार्टी की केंद्रीय समिति MMDR संशोधन बिल और SIR दोनों मुद्दों पर नजर रख रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने MMDR बिल की वापसी तक जनआंदोलन जारी रखने का भी आह्वान किया। बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा को लेकर आशंका व्यक्त करते हुए कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की बात कही।
आदिवासी समाज को लेकर संजीव सरदार ने उठाया मुद्दा
झामुमो नेता संजीव सरदार ने SIR प्रक्रिया के दौरान आदिवासी समाज के सामने दस्तावेजों से जुड़ी संभावित समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पास प्रक्रिया में मांगे जाने वाले सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति का असर आदिवासी समाज के मताधिकार पर पड़ सकता है। संजीव सरदार ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।
कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रखे विचार
बैठक में MMDR संशोधन बिल के खिलाफ आयोजित धरना-प्रदर्शन के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों ने भी अपने विचार रखे। इनमें मोहन कर्मकार, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजू गिरी, पूर्व सांसद सुमन महतो, आस्तिक महतो, प्रमोद लाल, मनोज यादव, बीर सिंह सुरीन, हीरामणि मुर्मू, बारी मुर्मू, सरोज महापात्रा, महावीर मुर्मू, पिंटू दत्ता, बाघराय मार्डी, सुनील महतो, पंकज सिन्हा और चंद्रावती महतो शामिल रहे।
बैठक में अकरम खान, अजय रजक, उमानाथ झा, खुद्दू उरांव, दल गोविंद लोहरा, प्रीतम हेम्ब्रम, सुशील हेम्ब्रम, अभय पाण्डेय, फैयाज अहमद खान, नासिर खान, गोपाल महतो, लाल्टू महतो, बहादुर किस्कु, जितेंद्र यादव, अंकित सिंह, असित मिश्रा, अर्जुन हांसदा, धनंजय करुणामय, बलराम महतो, मो. गुलाब, सुधीर सोरेन, मिर्जा सोरेन, प्रधान सोरेन, दुर्गा चरण मुर्मू, शैलेन बास्के, अश्वनी महतो, भुनेश्वर सरदार, अर्जुन मुर्मू, रमेश सोरेन, महेश्वर हांसदा, छोटेलाल हांसदा, कोला मुखी, पलटन मुर्मू, प्रभात सिंह, मो. जमील, जाबिर हुसैन, परमजीत सिंह पम्मे, गोविंदा चालक, सोमेन विश्वास, कृपाल सिंह भाटिया, इंदरपाल सिंह भाटिया, सिमरन सिंह भाटिया, कृष्णा सिंह, झरना पाल, सविता दास, रजनी दास, चरणजीत सिंह भाटिया, गंगा देवी, संदीप चक्रवर्ती, सपन राय, मो. अकबरद्दीन, डि. रवि कुमार, चंदन महतो और चंदन लाल समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
