
पटना।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बिहार में मतदाता सूची अद्यतन की प्रक्रिया को नए स्तर पर पहुंचाते हुए अब तक कुल 6.32 करोड़ मतदाताओं के गणना फॉर्म एकत्रित कर लिए हैं। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का 80.11% है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।77,895 बीएलओ और 20,603 नव-नियुक्त बीएलओ के साथ, यह कार्य राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त, 38 जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और 963 सहायक ईआरओ (एईआरओ) इस कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
निर्वाचन आयोग के इस व्यापक अभियान में 1.5 लाख बीएलए (बूथ लेवल एजेंट्स) भी सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो 24 जून तक घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर चुके हैं। खासकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और कमजोर वर्गों की मदद के लिए 4 लाख से अधिक स्वयंसेवकों को भी मैदान में उतारा गया है।
फॉर्म वितरण कार्य पूर्ण होने के बाद, आयोग ने बताया कि 4.66 करोड़ फॉर्म डिजिटल रूप से ईसीआईनेट पोर्टल पर भी अपलोड कर दिए गए हैं। यह पोर्टल निर्वाचन आयोग का नवीन एकीकृत सॉफ्टवेयर है, जिसमें आयोग के 40 से अधिक एप्लीकेशन को एकीकृत किया गया है।
1 अगस्त को जारी की जाएगी प्रारंभिक मतदाता सूची।
जो नागरिक अपने नाम को इस सूची में शामिल कराना चाहते हैं, उन्हें अपने गणना फॉर्म पात्रता दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द जमा कराने की सलाह दी गई है। हालांकि, दस्तावेजों को जमा करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त रखी गई है, ताकि इच्छुक मतदाता दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकें।ईसीआई के अनुसार, जिस गति से यह कार्य हो रहा है, उससे 25 जुलाई की निर्धारित समय-सीमा से पहले ही अधिकांश मतदाताओं के फॉर्म एकत्र हो जाएंगे।
इस अभियान के माध्यम से निर्वाचन आयोग बिहार को एक अद्यतन, पारदर्शी और समावेशी मतदाता सूची की ओर ले जा रहा है, जिससे आगामी चुनावों में मतदान प्रतिशत और लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
