Site icon Lahar Chakra

MS Dhoni: मेरे पास यह तय करने के लिए 10 महीने हैं कि मैं एक और साल खेलना चाहता हूं या नहीं; संन्यास की अटकलों पर बोले पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी

New Delhi. पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इंडियन प्रीमियर लीग में अपने भविष्य को लेकर बढ़ती अटकलबाजी से दूर रहे और कहा कि उनके करियर को खत्म करने का फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि उनका शरीर शीर्ष स्तर के क्रिकेट की मांग पर कैसे प्रतिक्रिया देता है और उनके पास यह फैसला करने के लिए ‘10 महीने’ हैं. मौजूदा आईपीएल में धोनी उस तरह का प्रभाव नहीं डाल पाए हैं जैसा कि वे आमतौर पर निचले मध्य क्रम में बल्लेबाजी करते हुए डालते हैं.
शॉट में टाइमिंग की कमी और प्रभावहीनता चार मैच में उनके द्वारा बनाए गए 76 रन के दौरान साफ नजर आई जिसके बाद विशेषज्ञों ने कप्तान के रूप में दो विश्व कप जीतने वाले धोनी को आगे बढ़ने की सलाह दी. हाल ही में उद्यमी राज शमानी के पॉडकास्ट पर धोनी ने कहा, ‘मैं अब भी आईपीएल खेल रहा हूं और मैं एक बार में एक साल पर ध्यान दे रहा हूं. मैं अभी 43 साल का हूं और इस आईपीएल सत्र के अंत तक मैं 44 साल का हो जाऊंगा.
उन्होंने कहा, ‘इसलिए मेरे पास यह तय करने के लिए 10 महीने हैं कि मैं एक और साल खेलना चाहता हूं या नहीं और यह मुझे तय नहीं करना है क्योंकि यह मेरा शरीर तय करता है कि मैं खेल सकता हूं या नहीं. हालांकि टीम को पांच आईपीएल खिताब दिलाने वाले चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान ने कहा कि वह मैदान पर अपनी उपलब्धियों से काफी संतुष्ट हैं.
धोनी ने कहा, ‘यह इस बारे में नहीं है कि मैं खुश हूं या दुखी। जो कुछ भी हुआ है वह हो चुका है. इसे बदला नहीं जा सकता. यह सब कुछ स्वीकार करने के बारे में है. चाहे कुछ भी हो मैं अपने अंतरराष्ट्रीय रन में एक और रन नहीं जोड़ पाऊंगा और कोई भी उन्हें कम नहीं कर पाएगा.
धोनी हमेशा वर्तमान को देखने वाले व्यक्ति रहे हैं लेकिन उन्होंने एक बार फिर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों को एक ही टीम में देखने की इच्छा जताई.उन्होंने कहा, ‘मैं भारतीय खिलाड़ियों पर ही बात करूंगा। वीरू पा (सहवाग) पारी की शुरुआत करेंगे, सचिन, दादा (गांगुली)… और अब आप कल्पना करें कि हर कोई अपने चरम पर है. तब आपको लगेगा कि उनसे बेहतर कोई नहीं हो सकता’’
धोनी ने कहा, ‘सर्वकालिक एकादश चुनना कठिन है. जब आप युवी को छह छक्के लगाते हुए देखते हैं तो आपको लगेगा कि मैं किसी अन्य बल्लेबाज को नहीं देखना चाहता. यह सब भारत के लिए उन्होंने जो किया है उसका लुत्फ उठाने के बारे में है. हमने जो प्रतिभाएं देखी हैं उनमें से कुछ बेजोड़ हैं.
Exit mobile version