
Newyork. अमेरिका की शीर्ष अदालत ने मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी. राणा (64) वर्तमान में लॉस एंजिलिस के ‘मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर’ में बंद है। उसने अमेरिका के शीर्ष अदालत के ‘एसोसिएट जस्टिस’ और नौवें सर्किट के सर्किट जस्टिस के समक्ष रोक लगाने की आपात अर्जी दायर की थी. शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर छह मार्च 2025 को जारी एक नोट में कहा गया है,‘अर्जी… न्यायाधीश (एलेना) कगन द्वारा अस्वीकार की गई. यह अर्जी अमेरिका की शीर्ष अदालत की एसोसिएट जस्टिस एलेना कगन के समक्ष पेश की गई थी.
तहव्वुर ने भारत आने से बचने के लिए याचिका दायर की थी. इसमें उसने कहा था कि पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम होने की वजह से उसे भारत में प्रताड़ित किया जाएगा. राणा ने याचिका में कहा था कि वह कई बीमारियों से पीड़ित है, अगर उसका प्रत्यर्पण नहीं रोका गया तो वह भारत में सर्वाइव नहीं कर पाएगा। इसलिए उसके प्रत्यर्पण पर इमरजेंसी स्टे लगाया जाए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट की जज एलेना कगान ने यह दलील नहीं मानी और याचिका खारिज कर दी. तहव्वुर राणा को 2009 में एफबीआई ने गिरफ्तार किया था. राणा को अमेरिका में लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन करने के लिए दोषी ठहराया गया था. फिलहाल वह लॉस एंजिल्स के एक हिरासत केंद्र में बंद हैं.
पाकिस्तानी मूल का बिजनेसमैन है तहव्वुर राणा
64 साल का तहव्वुर हुसैन राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है. उस पर पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली की मदद करने का आरोप है. हेडली 26/11 मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है. तहव्वुर हुसैन पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के तौर पर काम करता था. इसके बाद वह 1997 में कनाडा चला गया और वहां इमिग्रेशन सर्विसेस देने वाले बिजनेसमैन के तौर पर काम शुरू किया. यहां से वह अमेरिका पहुंचा और शिकागो सहित कई लोकेशंस पर फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज नाम से कंसल्टेंसी फर्म खोली.
अमेरिकी कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, राणा कई बार कनाडा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड भी गया था. वह लगभग 7 भाषाएं बोल सकता है.पिछले साल कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकीलों ने तर्क दिया था कि तहव्वुर इस हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का बचपन का दोस्त है और उसे पता था कि हेडली लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर काम कर रहा है.
