
Hyderabad. प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के शीर्ष कमांडर थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवूजी ने मंगलवार को तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वह माओवादी संगठन का महत्वपूर्ण ‘रणनीतिकार’ था। देवूजी प्रतिबंधित संगठन की महत्वपूर्ण केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो का सदस्य था। उसने केंद्रीय समिति के सदस्य मल्ला राजी रेड्डी के साथ तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवधर रेड्डी की उपस्थिति में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया।
देवूजी और राजी रेड्डी के अलावा, दो अन्य माओवादियों बड़े चोक्का राव उर्फ जगन और नून नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना ने भी हथियार डाल दिए। डीजीपी ने बताया कि देवूजी को पार्टी के पोलित ब्यूरो की केंद्रीय समिति की बैठक में भाकपा (माओवादी) का सचिव चुना जाना था, लेकिन यह बैठक कभी नहीं हुई। सवाल पूछे जाने पर देवूजी ने कहा, ‘स्वास्थ्य कारणों से, मैंने भूमिगत जीवन छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है। मैंने कानूनी दायरे में रहकर लोगों की समस्याओं पर काम करने का निर्णय लिया है। इसका अर्थ है कि मैं अपना राजनीतिक जीवन जारी रखूंगा। मैं अपने दशकों पुराने उस दर्शन को मार्गदर्शक मानकर आगे काम करूंगा, जिस पर मैं विश्वास करता आया हूं।’’
देवूजी ने जनवरी 1991 में अरिके जैनी उर्फ सृजना से शादी की। विवाह के समय सृजना पेरीमेली दलम में पार्टी सदस्य थी। उसे क्षेत्रीय समिति सदस्य (आरसीएम) के पद पर पदोन्नत किया गया और 2020 में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के कासनसुर वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि देवूजी को 2001 में केंद्रीय समिति के सदस्य के रूप में पदोन्नत किया गया था, और 2016 में उसे सीएमसी का प्रभारी बनाया गया था।
