
New Delhi. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 की काउंसलिंग के लिए की गई तैयारियों का बुधवार को जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अभ्यर्थियों की चिंताओं को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठाएं और पारदर्शी, निष्पक्ष एवं मेधा-आधारित दाखिला प्रक्रिया सुनिश्चित करें।
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) के अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) और उसके अंतर्गत आने वाली अन्य सीट पर काउंसलिंग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नड्डा ने अभ्यर्थियों के लिए सुगम प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को मजबूत तकनीकी सहायता व्यवस्था बनाए रखने और शिकायतों का तुरंत समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
नड्डा ने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान काउंसलिंग पोर्टल का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि समीक्षा बैठक के दौरान नड्डा ने काउंसलिंग कार्यक्रम, आईटी ढांचे, साइबर सुरक्षा तैयारियों, शिकायत निवारण व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए किए गए उपायों और हिस्सा लेने वाले संस्थानों के साथ समन्वय का जायजा लिया।
बयान के मुताबिक, अधिकारियों ने नड्डा को बताया कि नीट-यूजी काउंसलिंग में प्रौद्योगिकी आधारित और छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार किए गए हैं, जिनका मकसद दाखिला प्रक्रिया को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
बयान में कहा गया है कि एक बार की भौतिक रिपोर्टिंग व्यवस्था की शुरुआत एक प्रमुख सुधार है, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार संस्थानों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी कम हो जाएगी। इसमें बताया गया है कि सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थी या तो आवंटित सीट को ‘फ्रीज’ कर सकते हैं या फिर बेहतर सीट पाने के लिए ‘फ्लोट’ विकल्प चुन सकते हैं।
