Site icon Lahar Chakra

NEW DELHI NEWS: वैष्णो देवी स्पेशल ट्रेन के कोच में क्रैक मिलने के बाद रेलवे की तुरंत कार्रवाई, देशभर में शुरू हुआ ‘सेफ्टी ड्राइव’

नई दिल्ली/लुधियाना: विगत 6 जून 2026 को दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी जाने वाली स्पेशल ट्रेन के एक स्लीपर कोच में लुधियाना के पास क्रैक (दरार) देखे जाने की गंभीर घटना सामने आई थी। इस घटना का संज्ञान लेते हुए भारतीय रेलवे ने तुरंत सुधारात्मक और कठोर कदम उठाए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो।

रेलवे प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी आईसीएफ (ICF) कोचों के लिए एक देशव्यापी ‘सेफ्टी ड्राइव’ (Safety Drive) शुरू किया है। इस अभियान के तहत कोचों के संवेदनशील हिस्सों में जंग लगने या क्षरण (Corrosion) की समस्या पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

रेलवे द्वारा उठाए गए 7 प्रमुख सुधारात्मक कदम:

यात्री सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे द्वारा निम्नलिखित सख्त निर्देश जारी किए गए हैं:

  1. एक सप्ताह में होगी जांच: देशभर के सभी आईसीएफ कोचों की अगले एक सप्ताह (7 दिनों) के भीतर सघन जांच पूरी की जाएगी।

  2. खराब कोच हटाए जाएंगे: जिन कोचों में अत्यधिक जंग या क्षरण पाया जाएगा, उन्हें तुरंत सेवा से हटा दिया जाएगा।

  3. अधिकारियों द्वारा सुपर-चेक: रेलवे मुख्यालय, संबंधित वर्कशॉप और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी इन जांच प्रक्रियाओं का ‘सुपर-चेक’ (क्रॉस वेरिफिकेशन) करेंगे।

  4. जागरूकता और ट्रेनिंग वीडियो: कर्मचारियों के मार्गदर्शन के लिए क्षेत्रीय रेलवे द्वारा इससे संबंधित विशेष जानकारीयुक्त वीडियो जारी किए गए हैं।

  5. आधुनिक उपकरणों का प्रयोग: कोच के संवेदनशील और छिपे हुए हिस्सों की बारीकी से जांच करने के लिए इंडोस्कोपी कैमरा (Endoscopy Camera) और अल्ट्रासोनिक थिकनेस गेज (Ultrasonic Thickness Gauge) जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।

  6. वर्कशॉप का विशेष ऑडिट: कोचों की पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग (POH) करने वाले सभी रेलवे वर्कशॉप का अगले एक महीने के अंदर विस्तृत ऑडिट किया जाएगा।

  7. SOP का सरलीकरण: रेलवे के ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल’ (SOP) को अधिक सरल बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि अत्यधिक क्षरण वाले या ऐसे कोच जिनकी मरम्मत में बहुत ज्यादा लागत आ रही है, उन्हें बिना किसी देरी के तेजी से निरस्त (Condemn) किया जा सके।

रेलवे की इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य भविष्य में ऐसी किसी भी तकनीकी खामी से बचना और सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करना है।

Exit mobile version