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स्कूल को उड़ाने की धमकियों में एनजीओ का नाम आया सामने, पुलिस कर रही जांच

नई दिल्ली. दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों को मिल रही बम से उड़ाने की धमकी के मामलों में दिल्ली पुलिस ने आज बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि धमकी देने वाले किशोर के अभिवावक एनजीओ से जुड़े हैं.

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी मधुप तिवारी ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर बताया कि स्कूलों को यह धमकी ईमेल के जरिए दी जा रही थी और यह धमकी एक नाबालिग बच्चा दे रहा था. इस बच्चे की पहचान के बाद एक बार तो लगा कि परीक्षा रद्द कराने के लिए बच्चे ने यह हरकत की होगी, लेकिन जब बच्चे के परिवार वालों की जानकारी खंगाली तो पता चला कि उसके पिता एक एनजीओ से जुड़े हैं और यह एनजीओ विभिन्न राजनीतिक दलों से प्रभावित रहा है.

स्पेशल सीपी के मुताबिक राजधानी के स्कूलों को काफी समय से धमकी भरे ईमेल मिल रहे थे. इसमें कहा जा रहा था कि स्कूल में बम प्लांट कर दिए गए हैं. इसी तरह की एक कॉल पिछले साल 12 फरवरी और हाल ही में 8 जनवरी को आई थी. पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज किया और टेरर एंगल से मामले की जांच शुरू की. इस दौरान जिस कंप्यूटर से ईमेल भेजा गया था, उसके आईपी एड्रेस के जरिए मेल भेजने वाले तक पुलिस पहुंच गई.

उन्होंने कहा कि जांच में पता चला कि यह मेल एक बच्चा भेज रहा था. बच्चे की पहचान करने के बाद पुलिस ने उसके लैपटॉप और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई. इसमें पता चला कि इस बच्चे ने एक दो नहीं, 400 से अधिक स्कूलों को ईमेल किया है. कई स्कूलों को तो एक से अधिक बार मेल भेजा गया है. पुलिस के मुताबिक बच्चे के पिता एक एनजीओ से जुड़े हैं और यह एनजीओ कई राजनीतिक पार्टियों की समर्थक रही है. यहां तक कि अफजल गुरू की फांसी के खिलाफ भी इस एनजीओ ने मुखर भूमिका निभाई थी.

पुलिस के मुताबिक अब इस मेल मामले में बच्चे के पिता और उनके एनजीओ की भूमिका खंगाली जा रही है. पता किया जा रहा है कि यह मेल कहीं राजनीतिक तो नहीं था? इसमें देखा जा रहा है कि कहीं ये एनजीओ दिल्ली का माहौल खराब करने की कोशिश तो नहीं कर रही. दरअसल इस बच्चे द्वारा कुछ मेल परीक्षा के समय भेजे गए थे. वहीं कई मेल परीक्षा के समय के बाद भी भेजे गए. ऐसे में यह तो नहीं कहा जा सकता है कि बच्चे ने परीक्षा रद्द कराने के लिए यह मेल किया होगा.

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