

मौके पर नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनकर ने कहा कि एनजीटी( नेशनल ग्रीन ट्रिब्य़ूनल ) द्वारा की गई एक तरफा कार्रवाई उचित नहीं है। हम इसका पुरजोर विरोध करते है।

उन्होंने कहा कि नदी तट पर बन रहे आलीशान अपार्टमेंट एनजीटी को नही दिखता है जबकि दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह गरीब लोगों द्वारा बनाए गए झोपड़ीनुमा घर एनजीटी को दिख जाता है।सोनकर ने कहा एनजीटी के आदेश के खिलाफ हम उचित फोरम पर मामले को उठाएंगे। किसी गरीब का घर टूटने नही देंगे।

उल्लेखनीय है कि सीतारामडेरा थाना अंतर्गत भुइयांडीह व उससे सटे कल्याण नगर, इंदिरा नगर एवं छाया नगर सहित नदी किनारे बने 150 घरों को एनजीटी के आदेश पर तोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया। जिससे लोगों में भय व्याप्त है।
हालांकि एनजीटी द्वारा किस आधार पर यह आदेश दिया गया है। इस संबंध में अधिकारियों के पास तथ्य परक जवाब नहीं है।
इस अवसर पर अशोक चौधरी, रविंद्र झा उर्फ नट्टू झा, राकेश साहू सहित सैकड़ों की संख्या में बस्ती वासी उपस्थित थे।


