
Chandil. टाटा-रांची हाइवे (NH 33) पर पिछले 3 दिनों से लंबा जाम लगा है. जाम से यात्री हलकान व परेशान हैं. यात्रियों और स्थानीय लोगों में NHAI के खिलाफ भारी आक्रोश है. तीसरे दिन रविवार को जाम ने और विकराल रूप ले लिया है. रविवार को नारगाडीह से हमसादा तक करीब सात किलोमीटर तक जाम लग गया. जाम में सैकड़ों वाहन और हजारों लोग फंसे हुए है. जाम में यात्री, वीआईपी के अलावे एम्बुलेंस भी फंसी हुई है. चांडिल गोलचक्कर के पास शुक्रवार की शाम 6 बजे से लेकर रविवार दोपहर 12 बजे तक लगातार जाम लगने से यात्रियों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है.
जाम से यात्री त्राहिमाम
जाम से यात्री त्राहिमाम- त्राहिमाम कर रहे है. सबसे ज्यादा परेशानी बिहार एवं कोलकाता से आने वाली लंबी रूट के बस यात्रियों को हो रही है. दूध, अखबार और सब्जी ले जा रही गाड़ियां भी घंटों जाम में फंसी रही. जाम हटाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. थाना प्रभारी डिल्सन बिरुवा ने लगातार जाम को देखते हुए एनएचएआई के पदाधिकारियों से दूरभाष पर बात कर जाम से मुक्ति के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा है.
चांडिल गोलचक्कर के पास सड़क जर्जर
चांडिल गोलचक्कर के पास सड़क की खराब स्थिति और बारिश से बने गड्ढे जाम का मुख्य कारण बने. गोलचक्कर से जरियाडीह और नारगाडीह तक वाहनों की लंबी कतार लगी। है. वैकल्पिक मार्गों पर भी सड़क निर्माण और खराब स्थिति के कारण यातायात सुचारू नहीं हो सका. ग्रामीणों और यात्रियों ने सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण का काम तुरंत शुरू करने की मांग की है.
एनएचएआई के खिलाफ आक्रोश
ग्रामीणों और यात्रियों ने एनएचएआई की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. लोग कहते हैं कि एनएच-33 पर यात्रा करना अब किसी सजा से कम नहीं रह गया है. लोगों ने मांग की है कि सड़क मरम्मत और चौड़ीकरण का कार्य तत्काल युद्धस्तर पर कराया जाए, ताकि इस मार्ग पर होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके और जानलेवा हादसों पर अंकुश लगे.
