Lahar Chakra

JAMSHEDPUR NEWS: NIT जमशेदपुर में 11-12 दिसंबर को उद्योग–शिक्षा जगत सम्मेलन IAC-2026, 15 संस्थानों के साथ सहयोग पर मंथन

जमशेदपुर, 29 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में आगामी 11 और 12 दिसंबर 2026 को उद्योग–शिक्षा जगत सम्मेलन (Industry–Academia Conclave—IAC-2026) का चौथा संस्करण आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन को व्यापक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संस्थान ने आसपास के 15 शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों, प्राचार्यों और प्रमुखों के साथ संवाद किया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना, संयुक्त अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और उद्योग जगत के साथ तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना रहा।

IAC-2026 में स्टार्टअप शोकेस और टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी होगी खास

एनआईटी जमशेदपुर की एसोसिएट डीन (बौद्धिक संपदा अधिकार-IPR) डॉ. दुलारी हांसदा ने बैठक में पहुंचे विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

उन्होंने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में पैनल चर्चाओं, प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी, स्टार्टअप शोकेस और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन प्रस्तावित है।

सम्मेलन में शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और उभरते उद्यमियों को एक मंच पर संवाद एवं सहयोग का अवसर मिलेगा।

इस आयोजन का उद्देश्य तकनीकी नवाचार और अनुसंधान को व्यावहारिक औद्योगिक जरूरतों से जोड़ना है।

निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने उद्योग और शिक्षा के बीच साझेदारी पर दिया जोर

एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने कहा कि वर्तमान समय में उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा, “मेरा दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है।”

प्रो. सूत्रधार ने कहा कि आसपास के शैक्षणिक संस्थान शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

उन्होंने संस्थागत साझेदारी के माध्यम से अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देने की आवश्यकता बताई।

संयुक्त अनुसंधान और आधुनिक सुविधाओं पर चर्चा

एसोसिएट डीन (अनुसंधान सुविधाएं) डॉ. दीपक कुमार ने एनआईटी जमशेदपुर में संचालित विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों और उपलब्ध शोध सुविधाओं की जानकारी दी।

उन्होंने संस्थान की अनुसंधान क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए निकटवर्ती शिक्षण संस्थानों के साथ संयुक्त शोध परियोजनाओं और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि संसाधनों और विशेषज्ञता को साझा कर शोध कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ाई जा सकती है।

15 शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग

अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं परामर्श) प्रो. सतीश कुमार ने बताया कि संवाद कार्यक्रम में आसपास के 15 शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों, प्राचार्यों एवं प्रमुखों ने भाग लिया।

उन्होंने सभी संस्थानों से अपने संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को IAC-2026 में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

उनके अनुसार, अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी से संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और उद्योगों के साथ सहयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी।

नवाचार और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा

एनआईटी जमशेदपुर के अनुसार, IAC-2026 का उद्देश्य शिक्षा और उद्योग के बीच मौजूद अंतर को कम करना तथा अनुसंधान के परिणामों को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ना है।

सम्मेलन के माध्यम से स्टार्टअप, शोधकर्ता, उद्योग प्रतिनिधि और शैक्षणिक संस्थान तकनीकी विकास तथा संस्थागत साझेदारी के नए अवसर तलाश सकेंगे।

संस्थान को उम्मीद है कि यह आयोजन सहयोगात्मक अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ सतत तकनीकी एवं आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Exit mobile version