
Patna. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। नीतीश कुमार ने लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। कुमार लोकभावन में महज सात मिनट ही रुके। कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी के साथ इस्तीफा देने के लिए लोक भवन पहुंचे। इससे पहले दिन में राज्य में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे कुमार ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों को मंत्रिपरिषद भंग करने के अपने निर्णय की जानकारी दी, जो
राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने से पहले की एक संवैधानिक प्रक्रिया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कुमार से उस समय मुलाकात की, जब वह राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए रवाना हो रहे थे।
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी भाजपा आज दोपहर करीब तीन बजे अपने कार्यालय में विधायक दल के नेता का चुनाव करेगी। भाजपा के संसदीय बोर्ड द्वारा विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस उद्देश्य से पटना पहुंच चुके हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपनी अंतिम मंत्रिमंडल बैठक में सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि वर्ष 2005 में सरकार में आने के बाद उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार राज्य के लिए कार्य किया और आगे भी नई सरकार को उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। इसके बाद कुमार ने कहा, “2005 में मैं सरकार में आया, जहां तक मुझसे हो सका मैंने किया। नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा।”
