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Novel Tata: नोएल टाटा बोले- ट्रेंट विकास के शुरुआती चरण में, राजस्व में 10 गुना वृद्धि का लक्ष्य हासिल करेंगे

New Delhi. टाटा समूह की खुदरा कंपनी ट्रेंट लि. के चेयरमैन नोएल एन. टाटा ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में तेज विस्तार के बावजूद कंपनी अब भी अपनी विकास यात्रा के शुरुआती चरण में है। उन्होंने भरोसा जताया कि ट्रेंट निकट भविष्य में राजस्व के मामले में 10 गुना बड़ी कंपनी बनने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल कर लेगी।
ट्रेंट के स्वामित्व में फैशन एवं लाइफस्टाइल खुदरा श्रृंखला वेस्टसाइड, मूल्य-आधारित फैशन ब्रांड जूडियो और हाइपरमार्केट श्रृंखला स्टार बाजार शामिल हैं। कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में नोएल टाटा ने कहा कि ट्रेंट की भविष्य की वृद्धि विभिन्न श्रेणियों में विशिष्ट और स्पष्ट ब्रांड प्रस्ताव विकसित करने पर आधारित रहेगी।

साथ ही कंपनी भारतीय ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम करेगी। उन्होंने वर्ष 2023 की शेयरधारक बैठक में दिए गए अपने वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने ट्रेंट को राजस्व और लाभप्रदता के स्तर पर 10 गुना बड़ा बनाने की परिकल्पना की थी। उन्होंने कहा, “तब से कंपनी की आय और लाभप्रदता की गति ढाई गुना से अधिक बढ़ चुकी है। इसे देखते हुए मुझे विश्वास है कि हम निकट भविष्य में उस लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे।”
वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रेंट का परिचालन राजस्व 19,701 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी देश के 321 शहरों में 1,286 स्टोर संचालित कर रही है, जिनका कुल खुदरा क्षेत्रफल 1.77 करोड़ वर्ग फुट है।

नोएल टाटा ने कंपनी की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं पर जोर देते हुए कहा कि भारत में विकसित ऐसे ब्रांड तैयार करना अत्यंत संतोषजनक होगा, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मजबूत पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि कंपनी को विदेशी बाजारों से भी महत्वपूर्ण राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रखना चाहिए, जो देश के मूल्य-वर्धित निर्यात बढ़ाने के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है।

टाटा ने बताया कि लगभग 25 वर्ष पहले बेंगलुरु के वाणिज्यिक क्षेत्र में वेस्टसाइड के पहले स्टोर से शुरू हुई ट्रेंट की यात्रा आज 1,200 से अधिक स्टोर तक पहुंच चुकी है। इस विकास में जूडियो और स्टार जैसे कारोबार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि ट्रेंट को कभी भी केवल एक ब्रांड वाली कंपनी के रूप में नहीं देखा गया, बल्कि इसे विभिन्न ब्रांड के समूह के रूप में विकसित करने की रणनीति अपनाई गई। भारत जैसे विविधतापूर्ण और लगातार बदलते बाजार में किसी एक ब्रांड के लिए लाइफस्टाइल क्षेत्र पर पूर्ण प्रभुत्व स्थापित करना कठिन है।

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