
New Delhi. भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लगभग 25 मिनट के अभियान में नौ आतंकवादी ठिकानों को विश्वसनीय खुफिया जानकारी और सीमापार आतंकवादी गतिविधियों में उनकी भूमिका का पता लगने के आधार पर नष्ट कर दिया. यह जानकारी सैन्य अधिकारियों ने बुधवार को दी. विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत यह हमला मंगलवार देर रात 1:05 बजे से 1:30 बजे तक किया गया और इसे पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए किया गया.
एक कुशल हेलीकॉप्टर पायलट सिंह ने कहा,‘भारत ने अपनी प्रतिक्रिया में काफी संयम दिखाया है. हालांकि, भारतीय सशस्त्र बल स्थिति को बिगाड़ने वाले किसी भी पाकिस्तानी दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.’ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी देते हुए महिला अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादी शिविरों पर हमले अत्यंत सटीक क्षमता के साथ किए गए, जिसमें हथियारों का सावधानीपूर्वक चयन किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि कोई अतिरिक्त क्षति न हो.
विंग कमांडर सिंह ने कहा, ‘प्रत्येक लक्ष्य में प्रभाव का बिंदु एक विशिष्ट इमारत या इमारतों का समूह था.’ विंग कमांडर सिंह ने अंग्रेजी में बात की, जबकि कर्नल कुरैशी ने हिंदी में जानकारी दी. विंग कमांडर सिंह ने कहा, ‘सभी लक्ष्यों को दक्षता के साथ नष्ट किया गया और इसके परिणाम इस आपरेशन की योजना बनाने और उसे क्रियान्वित करने में भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर अंदाज की पुष्टि करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया.
अब तक किसी भी तरह के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है.’ उन्होंने कहा कि नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट किया गया.विंग कमांडर सिंह ने कहा कि पिछले तीन दशकों में पाकिस्तान ने आतंकी आधारभूत ढांचे का व्यवस्थित तरीके से निर्माण किया है.
उन्होंने कहा, ‘‘यह भर्ती और प्रशिक्षण केंद्रों, प्रशिक्षण और आतंकी शिविरों का एक जटिल जाल है. ये शिविर पाकिस्तान के साथ-साथ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (पीओजेके), दोनों में स्थित थे.’ उन्होंने कहा कि लक्ष्यों का चयन विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने में इन स्थलों की भूमिका के आधार पर किया गया था.
