Site icon Lahar Chakra

पुलिस एवं पत्रकार को औकात बताने की बात करने वाले सेनापति गिरफ्तार होते ही पड़े बीमार, पैसे खर्च कर जेल के बजाए मरीज बनकर अस्पताल में रहेंगे सेनापति ! एमजीएम अधीक्षक एवं उपाधीक्षक की भूमिका जांच के दायरे में  

पुलिस एवं पत्रकार को औकात बताने की बात करने वाले सेनापति गिरफ्तार होते ही पड़े बीमार, पैसे खर्च कर जेल के बजाए मरीज बनकर अस्पताल में रहेंगे सेनापति ! एमजीएम अधीक्षक एवं उपाधीक्षक की भूमिका जांच के दायरे में

पुलिस एवं पत्रकार के साथ उलझने वाले रामा कृष्णा forging कंपनी के वरीय अधिकारी सेनापति गिरफ्तार होते ही बीमार पड़ गए हैं lसूत्र बताते हैं कि कई पैसे वाले अपराधी जेल जाने के भय से खुद को बीमार साबित कराने के लिए  200000 से 500000 खर्च कर  अधीक्षक एवं उपाधीक्षक को मैनेज करने का प्रयास करते हैं l इसे या यू  कह पूंजीपति अपराधी के एमजीएम पहुंचते  वहां होली एवं दिवाली जैसा जश्न का माहौल देखा जाता है l

जिला प्रशासन ऐसे अपराधी एवं उनके  सहयोगीयों को बेनकाब करने के लिए मेडिकल जांच टीम के द्वारा किए गए जांच पर पुनः जांच बैठा कर यानी क्रॉस चेक करा कर ऐसे गठजोड़ को तोड़ा जा सकता है l साथ ही स्वास्थ्य जांच के पूरे मामले का वीडियो रिकॉर्डिंग कर भी अपराधी एवं उनके सहयोगियों पर कार्रवाई किया जा सकता है l

Exit mobile version