
पटना।
पूर्व मध्य रेल (ECR) द्वारा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को बेहतरीन, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खान-पान की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार, ‘प्रीमियम ब्रांड कैटरिंग आउटलेट्स’ के लिए विशेष संविदा शर्तों (Special Conditions of Contract – SCC) के निर्माण के उद्देश्य से 11 जून 2026 को पटना के महेंद्रूघाट स्थित सम्मेलन कक्ष में एक महत्वपूर्ण हितधारक परामर्श बैठक (Stakeholder Consultation Meeting) का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नीति निर्माण को पारदर्शी और यात्री-अनुकूल बनाना था।
कैटरिंग कंपनियों की 40 से अधिक फर्मों की शानदार भागीदारी
इस अहम बैठक में कैटरिंग सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने बढ़-चढ़कर अपना उत्साह दिखाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 18 फर्मों के 25 प्रतिनिधियों ने पटना में प्रत्यक्ष रूप से (Offline) अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा, 25 से अधिक प्रतिष्ठित फर्मों के प्रतिनिधि वर्चुअल (Online) माध्यम से इस बैठक से जुड़े। हितधारकों की यह भारी भागीदारी इस बात का संकेत है कि कंपनियां रेलवे के साथ मिलकर यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
संविदा अवधि और क्षेत्रीय ब्रांडों को मौका देने पर मंथन
बैठक के दौरान प्रीमियम ब्रांड कैटरिंग आउटलेट योजना के कई तकनीकी और व्यावसायिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से संविदा अवधि (Contract Period), कंपनियों के लिए पात्रता मानदंड, आउटलेट्स में मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं और राष्ट्रीय व क्षेत्रीय ब्रांडों (Regional Brands) की भागीदारी जैसे विषय शामिल रहे।
कई प्रतिभागियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्थानीय और प्रतिष्ठित क्षेत्रीय ब्रांडों को स्टेशनों पर पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। वहीं, अधिकांश फर्मों ने सेवा की गुणवत्ता और बिजनेस में लंबे समय तक स्थिरता बनाए रखने के लिए कैटरिंग संविदा अवधि को अपेक्षाकृत लंबा रखने का पुरजोर समर्थन किया।
पारदर्शी नीति और अधिकारियों का संबोधन
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट मार्केटिंग) जाफर आज़म ने कहा कि हितधारकों की इस सक्रिय भागीदारी से रेलवे को एक पारदर्शी, व्यावहारिक और प्रभावी नीति तैयार करने में काफी सहायता मिलेगी। वहीं, उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (कैटरिंग) प्रभास राघव ने सभी प्रतिभागियों से रचनात्मक सुझाव मांगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर यात्रियों की उम्मीदों के अनुरूप एक बेहतरीन और यात्री-केंद्रित (Passenger-Centric) व्यवस्था विकसित की जाएगी।
पूर्व मध्य रेल ने नीति निर्माण प्रक्रिया को और अधिक सहभागी बनाने के लिए आगे भी सुझाव प्राप्त करने हेतु एक ई-मेल आईडी और संपर्क नंबर भी जारी किया है। यह शानदार पहल स्टेशनों पर प्रतिष्ठित खाद्य और पेय ब्रांडों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
