Site icon Lahar Chakra

40 हजार दो और शव ले जाओ’, मां ने जमीन बेचकर चुकाया हॉस्पिटल का बिल, स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे, कहा – जो बातें मीडिया में आई है, वह सच नहीं है।

रांची. झारखंड के देवघर (Deoghar) में अस्पताल प्रबंधन ने मृतक का शव इसलिए देने से मना कर दिया क्योंकि उसके परिजनों ने अस्पताल का बिल नहीं भरा था. दरअसल एक सड़क हादसे में घायल युवक गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. युवक के इलाज में तकरीबन 40 हजार रुपये का खर्च आया था, लेकिन उसके परिजन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण बिल नहीं चुका पाए, जिसके कारण अस्पताल प्रबंधन ने युवक के शव को बंधक बना लिया. युवक के परिजनों को अपनी जमीन बेच कर हॉस्पिटल का बिल चुकाना पड़ा.

उधर, कुंडा के मेधा सेवा सदन में कन्हैया कापरी की लाश को बंधक बनाने के मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शनिवार को देवघर पहुंचे. मंत्री ने इलाजरत युवक से बात की. यहां मंत्री  . इरफान अंसारी ने कहाकि जो बातें मीडिया में आई है, वह सच नहीं है. खबरों में कुछ दिखाया गया है और सच्चाई कुछ और है. पीड़ित परिवार से बात हुई है.

फिर भी सिविल सर्जन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. तीन दिनों में जांच आयेगी. अगर मामले में अस्पताल की गलती पाई गयी तो उसे सील कर दिया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शपथ लेने के समय ही उन्होंने अस्पताल व नर्सिंग होम को निर्देश दिया था कि  मरीज की मौत होने पर इंसानियत के नाते उससे पैसे नहीं ले और लाश को तुरंत रिलीज कर दे.  जो भी प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम मेरे आदेश को नहीं मानेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

शव लेने के लिए एक मां को जमीन बेचने की नौबत हेमंत सरकार के मुंह पर तमाचा : बाबूलाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एक असहाय मां को अपने बेटे का शव अस्पताल से लेने के लिए अपनी जमीन बेचनी पड़ी, यह घटना हेमंत सरकार के मुंह पर तमाचा है. उन्होंने कहा कि मजबूरी में उस मां ने अपनी वो जमीन बेच दी, जो शायद उसकी ज़िंदगी की आखिरी पूंजी थी. उन्होंने कहा कि काले धन के लालच ने हेमंत सरकार को संवेदनहीन बना दिया है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार में नाम मात्र की भी शर्म बची हो तो अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई करें.

 

Exit mobile version