
New Delhi. सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। साथ ही उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करने तथा घबराहट में ईंधन खरीदने से बचने की अपील की। देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन’ (आईओसी) ने कहा, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। कंपनी ने बताया कि उसके पेट्रोल पंप पर्याप्त ईंधन से भरे हैं और पूरी तरह संचालित हैं। आईओसी ने आगाह किया कि अफवाहें अनावश्यक चिंता पैदा कर सकती हैं और सामान्य आपूर्ति व्यवस्था को बाधित कर सकती हैं। कंपनी ने लोगों से घबराहट में खरीदारी से बचने और केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने को कहा है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी की खबरों को ‘‘पूरी तरह निराधार’’ बताया और कहा कि पूरे देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हुई हैं। हालांकि विविध स्रोतों से आयात के कारण भारत पश्चिम अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और अमेरिका से पर्याप्त कच्चा तेल हासिल करने में सफल रहा है।
कतर में भारत के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता की गैस सुविधाएं युद्ध से प्रभावित होने के कारण द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति में बाधा आई है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं और सीएनजी (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) को प्राथमिकता दी गई जबकि उर्वरक संयंत्र जैसे औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति कुछ हद तक सीमित की गई है।
युद्ध का सबसे अधिक असर एलपीजी पर पड़ा है, क्योंकि देश अपनी कुल मांग का लगभग 60 प्रतिशत आयात से पूरा करता है।
इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है, जहां से आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति में सरकार ने घरेलू रसोई गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी और होटल-रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी उपयोग को कम से कम आधा कर दिया गया है।
