
New Delhi. केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव पहल के तहत इलेक्ट्रिक ट्रकों की खरीद पर ग्राहकों को 9.6 लाख रुपये तक के प्रोत्साहन देने की योजना चल रही है. यह पहली बार है जब इलेक्ट्रिक ट्रक की खरीद को बढ़ावा देने के लिए योजना लायी गयी है. इस योजना के तहत 10,900 करोड़ रुपये के बजट में से 500 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए निर्धारित किए गए हैं. बंदरगाह, लॉजिस्टिक, सीमेंट और इस्पात सहित अन्य उद्योग इस योजना के प्रमुख लाभार्थी होंगे. इसके तहत 5,600 इलेक्ट्रिक ट्रकों को समर्थन देने की योजना है.
योजना में ये कार भी शामिल
इस योजना के तहत, केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (सीएमवीआर) के तहत परिभाषित एन2 और एन3 श्रेणी (मध्यम एवं भारी माल ढुलाई के लिए) के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर भी मांग प्रोत्साहन लागू किया जाएगा. एन2 श्रेणी में 3.5 टन से अधिक और 12 टन तक के सकल वाहन भार (जीवीडब्ल्यू) वाले ट्रक शामिल हैं जबकि एन3 श्रेणी में 12 टन से अधिक और 55 टन तक के जीवीडब्ल्यू वाले ट्रक शामिल हैं. इलेक्ट्रिक ट्रकों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए विनिर्माता एक व्यापक विनिर्माता-समर्थित वारंटी प्रदान करेंगे. इसमें बैटरी के लिए पांच साल या पांच लाख किलोमीटर की वारंटी शामिल होगी जबकि वाहन एवं मोटर के लिए वारंटी पांच साल या 2.5 लाख किलोमीटर (जो भी पहले हो) होगी. कई मूल उपकरण विनिर्माताओं ने भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों का विनिर्माण शुरू कर दिया है.
पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक एम्बुलेंस के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पिछले महीने एक इलेक्ट्रिक एम्बुलेंस को मान्यता दी गई और अन्य ओईएम इलेक्ट्रिक एम्बुलेंस बनाने की प्रक्रिया में हैं.
