
Rome.भारत और इटली ने बुधवार को अपने संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ (स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029 द्विपक्षीय संबंधों को व्यावहारिक और भविष्यवादी ढांचा प्रदान करेगी। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ संयुक्त प्रेस बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच लगातार बढ़ती मुलाकातें भारत और इटली के बीच गहरे होते सहयोग और आपसी विश्वास को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम भारत-इटली संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ा रहे हैं।
भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029 हमारी साझेदारी को व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख ढांचा प्रदान करती है। हम इसे समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार 20 अरब यूरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। भारत में 800 से अधिक इतालवी कंपनियां भारत की विकास यात्रा में योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा, “प्रौद्योगिकी और नवाचार हमारी साझेदारी के प्रमुख इंजन हैं। एआई, क्वांटम, असैन्य परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की असीम संभावनाएं हैं। दोनों देशों के स्टार्टअप, शोध केंद्रों और व्यवसायों को जोड़ने के लिए हम भारत-इटली इनोवेशन सेंटर पर काम कर रहे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में उन्हें प्रधानमंत्री मेलोनी से कई बार मिलने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, यह भारत और इटली के बीच घनिष्ठ सहयोग और सामंजस्य को दर्शाता है। उनके नेतृत्व में हमारे संबंधों को नई गति, नई दिशा और नया आत्मविश्वास मिला है। मुझे खुशी है कि हम अपने संबंधों को उन्नत करते हुए विशेष रणनीतिक साझेदारी की घोषणा कर रहे हैं।”
दोनों देशों के सभ्यतागत संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली के रिश्ते केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने रोम और अपने संसदीय क्षेत्र काशी (वाराणसी) के बीच समानता का भी उल्लेख किया।
