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PM Modi ने विशाखापत्तनम में बंगाल की खाड़ी तट पर लाखों लोगों के साथ किया योगाभ्यास, 25,000 आदिवासी बच्चों ने सूर्य नमस्कार का बनाया गिनीज विश्व रिकॉर्ड

Vishakhapattnam.अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार यहां कई रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रही है, जिसमें पिछली बार योगाभ्यास के दौरान लोगों की अधिकतम उपस्थिति का रिकॉर्ड तोड़ना भी शामिल है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशाखापत्तनम के आरके बीच पर समारोह का नेतृत्व किया और रिकॉर्ड बनाने की इन कोशिशों का हिस्सा बने. बंगाल की खाड़ी के किनारे समुद्र तट पर लाखों लोग उनके साथ योगाभ्यास में शामिल हुए.
दुनिया भर के कई देशों द्वारा मनाए जा रहे योग दिवस की थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ रखी गई है और आंध्र प्रदेश का लक्ष्य सबसे बड़ा योग सत्र आयोजित कर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में अपना नाम दर्ज कराना है.

इसका लक्ष्य एक ही स्थान यानी विजाग में एक ही योग सत्र में पांच लाख लोगों की भागीदारी के साथ ‘गिनीज विश्व रिकॉर्ड’ बनाना है. राजग गठबंधन सरकार का गुजरात के सूरत में 2023 के योग दिवस कार्यक्रम में 1.47 लाख लोगों की भागीदारी के रिकॉर्ड को तोड़ने का भी लक्ष्य है.

अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को सुबह पांच बजकर 45 मिनट तक विजाग में 1.5 लाख योग स्वयंसेवक आ गए और बाद में इतनी ही संख्या में और लोगों के आने की उम्मीद है. लाखों लोगों को जुटाने के अलावा तेलुगु राज्य आंध्र प्रदेश का लक्ष्य पूरे राज्य में एक ही दिन में दो मुख्य लोगों की भागीदारी के साथ एक लाख से अधिक स्थानों पर योग सत्र आयोजित करना है. शुक्रवार को 25,000 आदिवासी बच्चों ने एक ही स्थान पर एक साथ ‘‘सबसे अधिक संख्या में लोगों द्वारा सूर्य नमस्कार करने का गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाया.

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार देर रात कहा, ‘‘आज (शुक्रवार) हमारे आदिवासी समुदायों के 25,000 युवा सितारों ने एक साथ सूर्य नमस्कार करके इतिहास रच दिया है और ‘‘एक ही स्थान पर एक साथ सबसे अधिक लोगों द्वारा सूर्य नमस्कार करने’’ का असाधारण गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाया है.उन्होंने कहा कि यह आंध्र प्रदेश के बच्चों की ओर से दुनिया को स्वास्थ्य और सद्भाव का एक शक्तिशाली संदेश है.

योग दिवस से पहले राज्य ने योग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक महीने तक चलने वाले अभियान ‘योगांध्र’ की शुरुआत की, जिसमें भारत से उत्पन्न इस प्राचीन अभ्यास से जुड़ी कई गतिविधियां शामिल हैं.

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