
New Delhi. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि संप्रग सरकार के “आर्थिक कुप्रबंधन” के कारण भारत व्यापार वार्ताओं में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख सका और एक भी बातचीत निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। मोदी ने कहा कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौते किए हैं, उनसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए, खास तौर पर श्रम-प्रधान क्षेत्रों में, इन देशों में लगभग शून्य शुल्क या अन्य देशों की तुलना में काफी कम शुल्क पर वस्तुओं के निर्यात के रास्ते खुल गए हैं।
प्रधानमंत्री कहा, इन व्यापार समझौतों पर भले ही हाल ही में मुहर लगी हो, लेकिन ये अधिक प्रतिस्पर्धी घरेलू उद्योग, आत्मविश्वास से भरपूर दृष्टिकोण और खुले विचारों का नतीजा हैं। ये आज की दुनिया में पाए जाने वाले दुर्लभ गुण हैं। हाल के वर्षों में भारत की ओर से किए गए व्यापार समझौतों की बात करने से पहले यह याद करना अहम है कि हम एक दशक पहले कहां खड़े थे। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने अपने शासनकाल में कछ व्यापार समझौते करने की कोशिश की, लेकिन यह यात्रा अनिश्चितता और अस्थिरता से भरी रही।
