
Bhuvaneshvar. ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति ने इस्कॉन को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि भगवान जगन्नाथ के स्नान अनुष्ठान और दुनिया भर में रथ यात्रा शास्त्रों द्वारा अनुमोदित विशिष्ट तारीख पर ही आयोजित की जाए और परंपराओं का उल्लंघन न किया जाए. समिति के अध्यक्ष एवं पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब ने दुनिया भर के कुछ इस्कॉन मंदिरों द्वारा पवित्र स्नान अनुष्ठान (स्नान यात्रा) और रथ यात्रा को अलग-अलग तारीखों पर आयोजित करने को लेकर नाराजगी व्यक्त की और आरोप लगाया कि ऐसी प्रथाएं ‘धर्मग्रंथों और हिंदू कैलेंडर का उल्लंघन करती हैं.
मायापुर स्थित इस्कॉन शासी निकाय आयोग के अध्यक्ष श्री गोवर्धन दास प्रभु को लिखे पत्र में देब ने कहा, ‘मैं आपसे यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करता हूं कि दुनिया में कहीं भी, कोई भी इस्कॉन मंदिर या केंद्र भगवान श्री जगन्नाथ की ‘स्नान यात्रा’ या ‘रथ यात्रा’ उस तारीख पर न आयोजित करे, जो शास्त्रों और परंपराओं के अनुरूप न हो. देब ने कहा, ‘‘भगवान जगन्नाथ की इन पवित्र यात्राओं को किसी अन्य तारीख पर आयोजित करना हमारे पवित्र ग्रंथों और प्राचीन परंपराओं का उल्लंघन होगा.
