


Jamshedpur.ओडिशा के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद रघुवर दास रांची में एक दिन बिताने के बाद जमशेदपुर पहुंचे. यहां उनसे मिलने वालों का तांता लग गया. एग्रिको स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं ने यहां उनका भव्य स्वागत किया. हालांकि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन के कारण स्वागत के सभी कार्यक्रम को रद्द कर दिया था. जमशेदपुर पहुंचने पर एग्रिको आवास पर रघुवर दास का विधायक नवीन जायसवाल, विधायक आलोक चौरसिया, अमर बाउरी और भानु प्रताप शाही ने रघुवर दास का स्वागत किया. भाजपा कार्यकर्ता भी उनसे मिलने के लिए पहुंचे. इसके बाद उन्होंने सभी के अभिवादन को स्वीकार किया.
उन्होंने यहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपने दिल की बात कही. उन्होंने बताया कि पार्टी ने उन्हें ओडिशा में जिम्मेदारी दी थी. वे दुखी थे, लेकिन महाप्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद से उन्होंने ओडिशा के 30 जिलों के लोगों से संवाद स्थापित किया. उन्होंने कहा कि अब मैं झारखंड लौट आया हूं और अच्छा महसूस कर रहा हूं. उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा के नए राज्यपाल द्वारा पदभार संभालते ही वे भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाएगी तो उन्होंने साफ कहा कि मैंने 44 साल तक खुद को भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर स्थापित किया है और पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, मैं उसे बखूबी निभाऊंगा.
मनमोहन सिंह के निधन पर दुख जताया
इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर दुख जताते हुए रघुवर दास ने कहा कि उनके निधन से देश को क्षति हुई है. आज देश की मजबूत अर्थव्यवस्था स्वर्गीय मनमोहन सिंह की देन है. उन्होंने स्वर्गीय मनमोहन सिंह से हुई मुलाकात की यादें साझा करते हुए कहा कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले.
बस्तियों को मालिकाना हक दिलाना लक्ष्य
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जमशेदपुर की बस्तियों को मालिकाना हक दिलाना उनका लक्ष्य है. इस लड़ाई में क्षेत्र की विधायक पूर्णिमा साहू भी रहेंगी. उनके साथ मिलकर इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया जायेगा. ओडिशा के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के सवाल पर श्री दास ने कहा कि उन्होंने ही पद से इस्तीफा दिया, जिसको राष्ट्रपति ने मंजूर किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें काफी सहयोग किया. उनके जैसे सामान्य कार्यकर्ता को इस मुकाम तक पहुंचाया. इसके लिए वे आभारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि उनका मन राजभवन में नही लगता था. उन्हें अपने घर जमशेदपुर आना था. उन्होंने जमशेदपुर लौटने की इच्छा जतायी, जिसको मंजूरी मिली. अब भाजपा में लौटेंगे. भाजपा तय करेगी, वे क्या काम करेंगे. जमशेदपुर ने काफी कुछ दिया है, जिसका पूरा परिवार हमेशा ऋणी रहेगा.



