
Gumla. आदिवासी नेत्री निशा भगत के अंतिम संस्कार में शामिल होने गुमला पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उनकी मौत को बलिदान बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया कि खुद को आदिवासी मुख्यमंत्री कहने वाले उन्हें पूरे झारखंड को जवाब देना चाहिए कि आखिर एक आदिवासी बेटी व्यवस्था से इतनी नाराज क्यों हुई।
रघुवर दास ने निशा भगत के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और उनकी मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।रघुवर दास ने आरोप लगाया कि निशा भगत आदिवासी अधिकारों, सरना युवाओं के रोजगार, कथित धर्मांतरण और आदिवासी जमीन पर कब्जे जैसे मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठा रही थीं।
उन्होंने कहा कि निशा की मौत ने राज्य की व्यवस्था और आदिवासी हितों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली एक बेटी की मौत पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। सरकार को बताना चाहिए कि किन परिस्थितियों में निशा भगत की मौत हुई और इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गयी है।