Site icon Lahar Chakra

Raghubar Dash: पेसा के नाम पर आदिवासियों को दिखाया जा रहा ‘लॉलीपॉप’, पूर्व सीएम रघुवर दास ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना, लगाये कई आरोप

Ranchi. पूर्व सीएम रघुवर दास ने पेसा (पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र) अधिनियम की नियमावली पर कई सवाल खड़े किए हैं. मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य सरकार कैबिनेट स्तर पर नियमावली बनाकर आदिवासी समाज को केवल ‘लॉलीपॉप’ दिखाने और उनकी आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही है. पेसा कानून का उद्देश्य आदिवासी रूढ़िवादी व्यवस्था को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसे कानूनी संरक्षण देकर और अधिक सशक्त बनाना है, ताकि आदिवासी समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक न्याय प्रणाली और प्राकृतिक संसाधनों पर अपना अधिकार बनाए रख सकें.

राज्य सरकार की ओर से तैयार की गई यह नियमावली पेसा अधिनियम, 1996 के मूल प्रावधानों और भावना के बिल्कुल विपरीत है. सरकार ने ग्रामसभा की परिभाषा में परंपरागत जनजातीय व्यवस्था और रूढ़िगत नेतृत्व को सीमित कर दिया है.

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या नई नियमावली के तहत ग्रामसभा की अध्यक्षता ऐसे लोगों को दी जाएगी, जो परंपरागत जनजातीय व्यवस्था से नहीं आते या जो संबंधित समुदाय और परंपरा से भिन्न पृष्ठभूमि रखते हैं. इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है.

Exit mobile version