
Rahul Gandhi Guru mantra: केंद्र की सत्ता से पिछले 11 साल से बाहर रहने और विभिन्न राज्यों के चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद राहुल गांधी कांग्रेस में जान फुंकने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. कांग्रेस सासंद इसके लिए नींव से मजबूती देने की शुरुआत की है. कांग्रेस ने अपने संगठन सृजन की मुहिम को जमीनी स्तर पर मजबूती की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. इसी कड़ी में राहुल गांधी ने बीजेपी से मुकाबला करने के लिए अपने जिलाध्यक्षों को जीत का ‘गुरुमंत्र’ दिया है. तमिलनाडु, केरल, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, लक्षद्वीप, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पुद्दुचेरी, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के जिला अध्यक्ष की ट्रेनिंग दी गई.
गुरुवार को कांग्रेस के नए दफ्तर में अध्यक्षों को ट्रेनिंग दी गई है. ट्रेनिंग कार्यक्रम में 13 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों से 338 जिला अध्यक्ष शामिल हुए. इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने सभी को बीजेपी से मुकाबला करने की ट्रेनिंग दी. इसके साथ ही बैठक में जिला संगठन को सक्षम और आक्रामक बनाने का मंत्र भी दिया. बाकी बचे हुए जिला अध्यक्षों की बैठक 3 अप्रैल को होगी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अपने जिलाध्यक्षों को अलग-अलग मुद्दों पर गुरुमंत्र दिए और उन्हें आगामी रणनीति को समझाया. कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में जिलाध्यक्षों को चार से पांच प्रजेंटेशन दिए. पहले प्रजेंटेशन में शशिकांत सेंथिल ने बताया कि कैसे जिला स्तर से लेकर मंडल स्तर तक की इकाइयां चुनाव के दौरान जमीन पर सक्रिय तौर पर काम करेंगी. बैठक में एक प्रजेंटेशन के जरिए मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे वोटर लिस्ट के मुद्दे पर बात हुई, जिसमें बताया गया कि कैसे जिला स्तर पर इन पर प्रभावी ढंग से निगरानी रखी जाए और इस समस्या से कैसे डील किया जाए. जिला अध्यक्षों से कहा है कि वह अपने पूरे संगठन के जरिए मतदाता सूचियो पर नजर रखें. उसमें अगर किसी भी तरह के बदलाव किए जाते हैं तो आपत्ति दाखिल करें. वोटर लिस्ट से नाम काटने और जोड़ने की प्रक्रिया पर नजर रखें और अलर्ट रहें.
बीजेपी से मुकाबला करने का दिया गुरुमंत्र
कांग्रेस ने अपने जिला अध्यक्षों को बीजेपी से जमीनी स्तर पर मुकाबला करने की ट्रेनिंग दी. जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस की अपनी विचारधारा है और कांग्रेस जो लड़ाई लड़ रही है, उसे पार्टी जिला अध्यक्षों के माध्यम से ही सिर्फ सड़क तक नहीं बल्कि घर-घर तक ले जा सकती है. कांग्रेस का मानना है कि इस काम को जिला अध्यक्ष ही कर सकते हैं. अपने लोगों में जोश भरते हुए खरगे ने कहा कि बीजेपी और संघ के खिलाफ हमारी लड़ाई संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह जारी है. हमें इस लड़ाई को सड़कों और जमीन तक ले जाना होगा.
जिला अध्यक्षों के बीच खरगे का छलका दर्द
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जिला अध्यक्षों को राज्यों में चुनाव जीतने और दीघकालिक रणनीति की दिशा में काम करने की सलाह भी दी. साथ ही खरगे का दर्द छलक गया. उन्होंने कहा कि कि सत्ता में आए बिना हम अपनी विचारधारा को लागू नहीं कर सकते. जिला अध्यक्षों से खरगे ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में अगर आप लोग जरा सी मेहनत और लगा देते तो देश में सरकार कांग्रेस की होती. उन्होंने कहा कि इसके लिए 25 से 30 सीट पर और मेहनत लगानी थी, अगर उन सीटों पर जोर लगाते तो केंद्र में वैकल्पिक सरकार कांग्रेस के अगुवाई में बनी होती.
पवन खेड़ा ने मीडिया में कहा कि यह एक ऐतिाहसिक बैठक थी, जिसके पहले चरण 338 जिला अध्यक्ष की बैठक थी. देश के बाकी के जिला अध्यक्ष की बैठक तीन अप्रैल को होगी. ये तमाम बैठकें गुजरात में होने वाले कांग्रेस अधिवेशन से पहले संपन्न हो जाएंगी. माना जा रहा है कि कांग्रेस गुजरात में होने वाली सीडब्ल्यूसी बैठक से पहले संगठन की सारी एक्सरसाइज पूरी कर लेना चाहेती है ताकि बैठक में अहम प्रस्ताव को रखकर उसे अमलीजामा पहनाया जा सके.
