
New Delhi. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि राज्य सरकार को बातचीत करके समस्या का समाधान निकालना चाहिए। राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस भी शामिल है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में गांधी ने कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ हिंसा की निंदा करती है, चाहे ऐसी घटना कहीं भी हुई हो। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ”झारखंड के छात्रों के लिए मुझे यही कहना है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ हिंसा की निंदा करते हैं। यह मायने नहीं रखता कि यह कहां हो रहा है, हम इसकी निंदा करते हैं। हम इसकी (हिंसा) सलाह नहीं देते, हम इसका समर्थन नहीं करते। हमें इसको लेकर कोई असमंजस नहीं है।”
गांधी ने कहा, ”जब प्रदर्शन शांतिपूर्वक हो रहा है तब हम उसके विरूद्ध हिंसा का प्रयोग करने के खिलाफ हैं। उन्होने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है। छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है। झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।”
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अवरोधक तोड़ दिए और राज्य विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उनपर पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
इस बीच, आज दोपहर विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई में वे घायल हो गए। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब प्रदर्शनकारी नए विधानसभा परिसर की ओर जाने वाले मार्ग पर जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम अवरोधक तक पहुंच गए। वर्तमान में झारखंड विधानसभा का सत्र चल रहा है।
