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RAILWAY NEWS: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 12 महत्वपूर्ण पुलों पर लगा आधुनिक वाटर लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम, बाढ़ के दौरान बढ़ेगी रेल सुरक्षा

बिलासपुर, 8 जुलाई। मानसून के दौरान रेलवे पुलों पर नदियों के जलस्तर की सटीक और लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने आधुनिक वाटर लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम को 12 महत्वपूर्ण रेलवे पुलों पर स्थापित किया है। सेंसर आधारित यह अत्याधुनिक तकनीक 24×7 रियल-टाइम में जलस्तर की निगरानी कर रही है, जिससे रेल परिचालन को सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बनाए रखने में मदद मिल रही है।

24 घंटे होगी जलस्तर की रियल-टाइम निगरानी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहले नदियों के जलस्तर की निगरानी पारंपरिक मीटर गेज प्रणाली से की जाती थी, जिसमें मैनुअल रीडिंग लेने के कारण सूचना मिलने में देरी और त्रुटि की संभावना रहती थी। अचानक जलस्तर बढ़ने पर रेलवे पुलों और ट्रैक की सुरक्षा का तत्काल आकलन करना चुनौतीपूर्ण हो जाता था।

इन समस्याओं के समाधान के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने सेंसर आधारित आधुनिक वाटर लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम को लागू किया है। यह प्रणाली ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) से एकीकृत है और पुलों पर लगे जलस्तर संकेतकों की लगातार निगरानी करती है।

खतरे का स्तर बढ़ते ही अधिकारियों को मिलेगा अलर्ट

नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जैसे ही नदी का जलस्तर पूर्व निर्धारित चेतावनी या खतरे के स्तर तक पहुंचता है या उसमें महत्वपूर्ण बदलाव होता है, सिस्टम स्वतः संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं के मोबाइल फोन पर एसएमएस अलर्ट भेज देता है।

इससे सहायक मंडल अभियंता (ADEN), रेल पथ निरीक्षक (PWI) तथा अन्य अधिकृत अधिकारी तुरंत आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू कर सकते हैं और रेल परिचालन को सुरक्षित बनाए रख सकते हैं।

इन 12 रेलवे पुलों पर स्थापित है सिस्टम

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने निम्नलिखित 12 महत्वपूर्ण रेलवे पुलों पर वाटर लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम स्थापित किया है—

  1. झारसुगुड़ा–ईब के बीच ईब नदी पर रेलवे पुल संख्या 184 अप
  2. ईब–ब्रजराजनगर के बीच रेलवे पुल संख्या 182 अप
  3. भूपदेवपुर–राबर्ट्सन के बीच रेलवे पुल संख्या 86 अप
  4. कोरबा–गेवरा रोड के बीच रेलवे पुल संख्या 63 डाउन
  5. नैला–चांपा के बीच हसदेव नदी पर रेलवे पुल संख्या 46 डाउन
  6. जयरामनगर–अकलतरा के बीच रेलवे पुल संख्या 12 मिडिल
  7. दगौरी–निपनिया के बीच शिवनाथ नदी पर रेलवे पुल संख्या 462 मिडिल
  8. रसमड़ा–दुर्ग के बीच रेलवे पुल संख्या 348 डाउन
  9. मुंडीकोटा–तुमसर के बीच रेलवे पुल संख्या 116 अप
  10. कन्हान–कामठी के बीच रेलवे पुल संख्या 34 अप
  11. वडसा–ब्रह्मपुरी के बीच रेलवे पुल संख्या 159
  12. बरगी–ग्वारीघाट के बीच रेलवे पुल संख्या 348 डाउन

मानसून में रेल सुरक्षा होगी और मजबूत

रेलवे का कहना है कि आधुनिक सेंसर आधारित यह प्रणाली बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों में समय रहते चेतावनी उपलब्ध कराकर रेलवे पुलों और ट्रैक की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी। साथ ही अधिकारियों को त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेल सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का यह कदम रेलवे के आधुनिकीकरण और स्मार्ट निगरानी प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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