


Patna. बिहार के मुजफ्फरपुर में दुष्कर्म के बाद जीवन के लिए संघर्ष कर रही एक नाबालिग लड़की की रविवार को यहां एक सरकारी अस्पताल में मौत हो गई. पुलिस ने यह जानकारी दी. एक अधिकारी ने बताया कि नाबालिग लड़की के साथ 26 मई को मुजफ्फरपुर स्थित उसके गांव में दुष्कर्म किया गया था और उसे शनिवार को गंभीर हालत में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) लाया गया था.
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाया कि पीएमसीएच स्थानांतरित की गई दुष्कर्म पीड़िता को शनिवार को कथित तौर पर अस्पताल में बिस्तर उपलब्ध न होने के कारण कई घंटे तक एम्बुलेंस में इंतजार करना पड़ा.उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में भर्ती होने के लिए इंतजार करने के घटनाक्रम से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जो सरकार और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है. इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मुजफ्फरपुर में दलित नाबालिग बेटी के साथ दरिंदगी और फिर इलाज में हुई लापरवाही बेहद शर्मनाक है.
अगर समय पर इलाज किया गया होता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी. लेकिन डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा तो दूर, जीवन रक्षा में भी घोर लापरवाही बरती. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक हम चुप नहीं बैठेंगे. दोषियों और लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. शनिवार को दुष्कर्म पीड़िता को अस्पताल में भर्ती किये जाने के दौरान, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख पार्टी के मीडिया प्रकोष्ठ के बिहार प्रभारी राजेश राठौर के साथ पीएमसीएच में मौजूद थे.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नाबालिग लड़की की आज सुबह मौत हो गई. आरोपी ने उसका गला और सीना बेरहमी से रेत दिया था. उसने गला रेतकर उसे मारने की भी कोशिश की थी, जिसके बाद से वह बोल भी नहीं पा रही थी. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख ने रविवार को दावा किया, यह एक हृदय विदारक घटना है और हमारे राज्य का अपमान है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करते हैं. उन्होंने कहा, नाबालिग लड़की की मौत हो गई क्योंकि राज्य में कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है. लड़की की मौत के लिए राज्य की राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार और पीएमसीएच प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार है. यह घटना सरकार, मुख्यमंत्री और पीएमसीएच प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करती है.



