
Puri. ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की वापसी की रथ यात्रा ‘बहुड़ा यात्रा’ की तैयारियों के मद्देनजर शुक्रवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई। बहुड़ा यात्रा सालाना रथ यात्रा का दूसरा चरण है जिसमें भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा गुंडिचा मंदिर से 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर लौटते हैं। गुंडिचा मंदिर यहां से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सौमेंद्र प्रियदर्शी ने कहा, ‘‘उत्सव के लिए हमने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है क्योंकि भक्तों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। हमारी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था 16 जुलाई को आयोजित रथ यात्रा के दौरान किए गए बंदोबस्त के समान ही रहेगी।’’
अधिकारियों ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान भीड़ बढ़ने से दो श्रद्धालुओं की मौत और कई अन्य लोगों के घायल होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। इन निर्देशों में वैज्ञानिक तरीके से भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं तक तत्काल जानकारी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है।
तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को पुलिस को लोगों की बढ़ती भीड़ पर लगातार नजर रखने और सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त ‘फीड’ को एकीकृत कमान एवं नियंत्रण प्रणाली से जोड़ने का निर्देश दिया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील भी की। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों सहित 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के अलावा समूचे शहर में निगरानी और भीड़ प्रबंधन के लिए 400 से अधिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
पहंडी’ की प्रक्रिया के बाद गजपति महाराजा दिब्यसिंह देब रस्मी तौर पर ‘छेरा पहनरा’ (रथों की सफाई) की विधि करेंगे जिसके बाद श्रद्धालु तीनों रथों को जगन्नाथ मंदिर की ओर खींचेंगे।
