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रथ यात्रा उत्सव’ का समापन आज, औपचारिक ‘पहांडी’ रस्म के साथ शुरू हुई भगवान जगन्नाथ की ‘बहुड़ा यात्रा’

Puri. भगवान जगन्नाथ की ‘बहुड़ा’ यात्रा या रथ वापसी उत्सव शनिवार को औपचारिक ‘पहांडी’ अनुष्ठान के साथ शुरू हो गया।
इस दौरान मूर्तियों को श्री गुंडिचा मंदिर से सारधाबली में खड़े रथों तक औपचारिक यात्रा के जरिये ले जाया जा रहा है.

‘पहांडी’ अनुष्ठान दोपहर 12 बजे शुरू होने वाला था लेकिन यह पूर्वाह्न साढ़े 10 बजे ही शुरू हो गया. इस यात्रा के दौरान भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को एक-एक करके रथों तक ले जाया जा रहा है.

तलध्वज (बलभद्र), दर्पदलन (सुभद्रा) और नंदीघोष (जगन्नाथ) भव्य रथों को भक्त श्री गुंडिचा मंदिर से भगवान जगन्नाथ के मुख्य स्थान तक खींचेंगे, जो लगभग 2.6 किमी की दूरी पर है. भगवान जगन्नाथ मंदिर का निर्माण 12वीं सदी में हुआ था.ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने ‘बहुदा यात्रा’ के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं.

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