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Rice Scam In Tatanagar Railway: FCI का 24 लाख रुपये के चावल लदा पूरा रेल वैगन गायब कर बाजार में बेचा, टाटानगर के दो रेल अधिकारी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

Jamshedpur. रेलवे की मालगाड़ी से करीब 24 लाख रुपये के चावल लदा पूरा वैगन गायब करने के मामले में अब रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है. रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने टाटानगर के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. टाटानगर के गुड्स शेड में कमर्शियल क्लर्क के पद पर कार्यरत सूरज कुमार और मुकेश कुमार को चक्रधरपुर रेलवे कोर्ट में पेश करने के बाद मंगलवार को न्यायिक हिरासत में घाघीडीह सेंट्रल जेल भेज दिया गया. यह मामला करीब 24 लाख रुपये मूल्य के चावल गबन से संबंधित है, जो एक साल से अधिक पुराना है.

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब 12 मार्च 2024 को ओडिशा के कांताबांजी से पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर सिटी जंक्शन के लिए रवाना हुई एक मालगाड़ी अपने गंतव्य पर पहुंची. वहां गिनती के दौरान पता चला कि चावल से लदी एक पूरी वैगन गायब है. इस वैगन में चावल की कुल 1259 बोरियां थीं, जिनकी कीमत 23 लाख 92 हजार 930 रुपये आंकी गई थी. आरपीएफ ने सबूतों के आधार पर सोमवार, 18 अगस्त को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. जांच में यह भी पाया गया कि इन कर्मचारियों ने अन्य वाणिज्यिक और एफसीआई के अधिकारियों की मिलीभगत से चावल गायब कर दिया. इस मामले में कुछ और लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है.

गिरफ्तार आरोपियों में सूरज कुमार बारीडीह का
गिरफ्तार आरोपियों में सूरज कुमार बारीडीह आदर्श नगर का निवासी है, जबकि मुकेश कुमार रांची के धुर्वा स्थित एचईसी कॉलोनी का निवासी है. दोनों टाटानगर स्थित गुड्स शेड में कार्यरत थे.

13 फरवरी 2025 को दर्ज किया था मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटानगर आरपीएफ पोस्ट में इसी साल 13 फरवरी को रेलवे संपत्ति (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम की धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई. आरपीएफ की जांच टाटानगर गुड्स शेड पर केंद्रित हो 14 गई. लंबी और गहन तफ्तीश के बाद इस गबन में गुड्स शेड में तैनात दो कमर्शियल क्लर्कों की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले.

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